टीईटी अनिवार्यता:
कानून की व्याख्या से लेकर
शिक्षकों के भविष्य तक
2017 का संशोधन सिर्फ ‘मिनिमम क्वालिफिकेशन’ की बात करता है या टीईटी को भी बांधता है? सुप्रीम कोर्ट के 2025 फैसले ने पुरानी बहस को नया मोड़ दे दिया। क्या अब छूट मिलेगी या नौकरी का खतरा?
भारत में प्राथमिक शिक्षा की नींव हिल रही है। लाखों शिक्षक जो दशकों से क्लासरूम संभाल रहे हैं, अब टीईटी की अनिवार्यता से चिंतित हैं। लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की मांग भी उतनी ही तेज है।
फेसबुक पर वायरल पोस्ट इसी बहस को उठा रही है। 2017 RTE संशोधन की वो पंक्ति जो कहती है — “every teacher appointed or in position as on the 31st March, 2015, who does not possess minimum qualifications…”
2017 संशोधन: समय दिया, छूट नहीं दी
RTE (Amendment) Act 2017 ने 31 मार्च 2019 तक का समय बढ़ाया। लेकिन NCTE की 2010 अधिसूचना में B.Ed/D.El.Ed के साथ TET भी शामिल था। यानी संशोधन पूरी NCTE योग्यता पैकेज की बात करता था।
शिव कुमार पाठक केस (2017) और 2025 का टर्निंग पॉइंट
सुप्रीम कोर्ट ने NCTE नियमों को बाध्यकारी माना। फिर सितंबर 2025 में अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र मामले में फैसला आया — 5 साल से ज्यादा सेवा बाकी वाले सभी इन-सर्विस टीचर्स को TET पास करना अनिवार्य। पास न करने पर नौकरी जा सकती है।
उत्तर प्रदेश में अकेले 1.86 लाख शिक्षक प्रभावित। पूरे देश में 12-25 लाख। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने भी संशोधन की मांग की है। आप सोच रहे होंगे — क्या ये शिक्षकों के साथ अन्याय है या बच्चों के भविष्य की रक्षा?
- 5 साल से कम सेवा बाकी वालों को छूट, लेकिन प्रमोशन नहीं
- 2027 तक TET पास करने का समय
गुणवत्ता बनाम आजीविका: सच्चाई क्या है?
ASER रिपोर्ट्स कहती हैं कि क्लास 5 के आधे बच्चे क्लास 2 का भी नहीं पढ़ पाते। TET पेडागॉजी और सब्जेक्ट नॉलेज का एकमात्र राष्ट्रीय मानक है। लेकिन कई शिक्षक दशकों से सेवा दे रहे हैं और राज्य सरकारों ने ट्रेनिंग में देरी की।
आगे का रास्ता — क्या करें?
सुप्रीम कोर्ट ने Article 21A को प्राथमिकता दी। राज्यों को मुफ्त TET कोचिंग देनी चाहिए। जिन्होंने 2019 से पहले TET पास किया, उन्हें तुरंत राहत मिलनी चाहिए।
TET कोई सजा नहीं — ये गुणवत्ता का गेटवे है। लेकिन लागू करते समय शिक्षकों को साथी मानना होगा, अपराधी नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
**Summary:** सुप्रीम कोर्ट ने TET को अनिवार्य क्यों किया?बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए। ASER रिपोर्ट्स में पढ़ाई की खराब स्थिति सामने आई।
**Summary:** क्या सभी शिक्षकों पर लागू होगा?नहीं। 5 साल से कम सेवा बाकी वालों को छूट। लेकिन 2027 तक TET पास करना होगा।
