मां न बन पाई तो साड़ी का फंदा... सुसाइड नोट ने रुला दिया पूरे गांव को!
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क्राइम / उत्तर प्रदेश
आजमगढ़ की कविता: मातृत्व की अधूरी चाहत ने छीनी जिंदगी
विशेष संवाददाता | आजमगढ़
अपडेटेड: 22 मार्च 2026
आजमगढ़ के बसगीत गांव में 25 वर्षीय कविता ने शनिवार दोपहर अपने कमरे में साड़ी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। महज दो साल पहले हुई शादी के बावजूद मां न बन पाने का गहरा दर्द उसके सुसाइड नोट में साफ झलकता है, जिसने पूरे परिवार और गांव को स्तब्ध कर दिया।
घटना की पूरी कहानी
जनपद के जहानागंज थाना क्षेत्र के बसगीत गांव में यह दिल दहला देने वाली घटना घटी। कविता ने अपने कमरे में यह कदम उठाया और पास ही सुसाइड नोट छोड़ा।
मैं मां नहीं बन सकती हूं, बहुत इलाज कराया, दवा खाई, लेकिन कुछ नहीं हुआ… इसलिए मैं जा रही हूं।
सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची, शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा ने इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या करार दिया, जांच जारी है।
पारिवारिक जीवन और दर्द
बरदह थाना क्षेत्र के परसौली गांव की कविता की शादी 24 अप्रैल 2024 को बसगीत के नीलकमल सरोज से हुई थी। नीलकमल नागपुर में ट्रेलर चालक हैं। शादी के दो साल बाद भी संतान न होने पर डॉक्टरों ने कविता में ही समस्या बताई। दोनों पक्षों ने आर्थिक तंगी के बावजूद इलाज कराया, लेकिन लगातार दवाओं से परेशान कविता ने मना कर दिया। धीरे-धीरे मानसिक तनाव बढ़ता गया, हताशा ने जिंदगी खत्म कर दी। पिता राधेश्याम सरोज और पति ने बताया कि रिपोर्ट्स ने आस तोड़ दी थी।
समाज पर प्रभाव
ससुराल-मायका दोनों जगह मातम छा गया। गांव में छोटी सी उम्मीद के टूटने ने सबको झकझोर दिया। यह घटना न केवल व्यक्तिगत दुख की कहानी है, बल्कि ग्रामीण भारत में बांझपन जैसे मुद्दों की गहराई को उजागर करती है। परिवार अब सदमे में है, जांच पूरी होने पर ही और स्पष्टता आएगी।
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