11 फरवरी 2011 के बाद उत्तीर्ण सभी UPTET/ CTET प्रमाणपत्रों की वैधता 5 वर्ष से बढ़ाकर आजीवन (LIFETIME) के लिए मान्य कर दी गई है।
11 फरवरी 2011 के बाद उत्तीर्ण सभी UPTET/ CTET प्रमाणपत्रों की वैधता 5 वर्ष से बढ़ाकर आजीवन (LIFETIME) के लिए मान्य कर दी गई है।
11 फरवरी 2011 के बाद उत्तीर्ण सभी UPTETCTET प्रमाणपत्रों की वैधता 5 वर्ष से बढ़ाकर आजीवन (LIFETIME) के लिए मान्य कर दी गई है।
FAQ
1. UPTET / CTET प्रमाणपत्र की वैधता आजीवन क्यों की गई?
“NCTE के निर्देशों के अनुसार 11 फरवरी, 2011 के बाद दिए गए UPTET / CTET प्रमाणपत्रों की वैधता 5 (या 7) वर्ष की जगह आजीवन माने जाने का निर्णय लिया गया है। इसका अर्थ है कि एक बार पास हो जाने पर अब दोबारा परीक्षा देने की ज़रूरत नहीं है।”
Q: UPTET / CTET प्रमाणपत्र की वैधता आजीवन किस वर्ष से लागू हुई?
A: राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) के निर्देशों के अनुसार साल 2011 से टीईटी प्रमाणपत्रों की वैधता आजीवन (Lifetime) कर दी गई है। इसके बाद राज्य सरकारों ने CTET / UPTET पर इसे अपने शासनादेश से लागू किया।
2. किस‑किस तिथि के प्रमाणपत्र पर आजीवन वैधता लागू है?
“यह नियम 11 फरवरी 2011 के बाद उत्तीर्ण सभी UPTET / CTET प्रमाणपत्रों पर लागू होता है, यानी उस तारीख के बाद से अब तक जारी हुई पात्रता परीक्षाओं के प्रमाणपत्र आजीवन के लिए मान्य माने जाएंगे।”
Q: क्या 2011 के पहले के CTET / UPTET प्रमाणपत्र भी आजीवन वैध हैं?
A: आमतौर पर यह नियम 11 फरवरी 2011 के बाद उत्तीर्ण प्रमाणपत्रों पर लागू होता है। 2011 से पहले के प्रमाणपत्रों की पुरानी वैधता (5 या 7 वर्ष) ही मानी जाती है, जब तक कि किसी विशेष आदेश में अलग से विस्तार न किया गया हो।
Q: 11 फरवरी 2011 के दिन के प्रमाणपत्र पर आजीवन वैधता लागू है?
A: हाँ, आमतौर पर 11 फरवरी 2011 के बाद उत्तीर्ण सभी UPTET / CTET प्रमाणपत्रों पर आजीवन वैधता लागू है; तिथि के ठीक 11‑02‑2011 पर निर्भर करते हुए शासनादेश में इसकी स्पष्टता दी जाती है।
3. CTET और UPTET प्रमाणपत्र में अंतर क्या है?
“CTET प्रमाणपत्र आजीवन वैध है और इसका उपयोग केंद्र सरकार तथा भारत के कई राज्यों की शिक्षक भर्तियों में किया जा सकता है, जबकि UPTET उत्तर प्रदेश की बेसिक और प्राथमिक स्तर की भर्तियों के लिए आजीवन‑मान्य प्रमाणपत्र के रूप में माना जाता है।”
Q: CTET और UPTET प्रमाणपत्र की वैधता में क्या अंतर है?
A: दोनों की वैधता NCTE के निर्देशों के तहत आजीवन कर दी गई है, लेकिन व्यावहारिक रूप से UPTET स्थानीय उत्तर प्रदेश की भर्तियों के लिए तथा CTET पूरे देशव्यापी केंद्र और राज्य (कई राज्यों) की शिक्षक भर्तियों के लिए मान्य है。
Q: क्या आजीवन UPTET / CTET मतलब अब कभी रिन्यूअल नहीं?
A: हाँ; एक बार उस तिथि के बाद उत्तीर्ण प्रमाणपत्र की वैधता कभी समाप्त नहीं होती। लेकिन भर्ती अधिसूचना में दिए गए उम्र‑सीमा, शैक्षणिक योग्यता और स्थानीय नियम अलग से देखने होंगे।
4. जिनका प्रमाणपत्र कभी‑कभी खत्म हो गया था
“कई खबरों में स्पष्ट किया गया है कि जिनके प्रमाणपत्र की अवधि पहले 5 या 7 वर्ष में समाप्त हो चुकी थी, वे भी अब आजीवन वैध माने जा रहे हैं, बशर्ते उन्होंने 01 जनवरी 2011 / 11 फरवरी 2011 के बाद टीईटी पास की हो।”
Q: अगर मेरा CTET / UPTET प्रमाणपत्र की वैधता 7 या 5 वर्ष में पहले ही समाप्त हो गई थी, तो अब क्या?
A: NCTE के नए दिशा‑निर्देशों के अनुसार 2011 से 7 / 5 वर्ष की पुरानी वैधता वाले प्रमाणपत्र भी आजीवन वैध माने गए, लेकिन कुछ मामलों में राज्यों को नए‑नए शासनादेश जारी करने होते हैं। ऐसे अभ्यर्थियों को अपने राज्य का आधिकारिक आदेश ज़रूर देखना चाहिए।
5. ब्लॉग के लिए छोटे‑से इंट्रो‑स्निपेट (हिंदी)
“अब टीईटी पास करना ज़िंदगी भर का फ़ायदा देता है: 11 फरवरी, 2011 के बाद उत्तीर्ण सभी CTET / UPTET प्रमाणपत्रों की वैधता 5 / 7 वर्ष से बढ़ाकर आजीवन (Lifetime) कर दी गई है।”
“अर्थात अभी तक जो भी छात्र‑छात्राएँ CTET या UPTET पास कर चुके हैं, उन्हें फिर से टीईटी परीक्षा देने की ज़रूरत नहीं है; उनका प्रमाणपत्र जीवनभर के लिए मान्य माना जाएगा।”
“यह नियम नए टीईटी पास अभ्यर्थियों के लिए तो राहत है ही, पुराने टीईटी‑योग्य प्रमाणपत्र धारकों के लिए भी एक बड़ी राहत मानी जा रही है, क्योंकि अब भर्ती परीक्षाओं में उनकी पात्रता खत्म नहीं होगी।”
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