UGC Fake University List 2026: 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की लिस्ट जारी, एडमिशन से पहले यहाँ करें चेक
अगर आप ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन या ऑनलाइन कोर्स के जरिए अपनी शैक्षणिक योग्यता बढ़ाने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने हाल ही में वर्ष 2026 के लिए देशभर के 32 फर्जी विश्वविद्यालयों (Fake Universities) की एक सूची जारी कर दी है। ये वो संस्थान हैं जो बिना किसी वैध मान्यता और कानूनी अधिकार के छात्रों को डिग्रियां बांट रहे थे।
खासकर उन उम्मीदवारों के लिए यह जानकारी बेहद जरूरी है जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं और डिग्री या डिप्लोमा के माध्यम से अपनी क्वालिफिकेशन अपडेट करना चाहते हैं। छात्र अक्सर आकर्षक विज्ञापनों और एजेंट्स के झांसे में आ जाते हैं। इन फर्जी संस्थानों की डिग्री न तो किसी सरकारी नौकरी में काम आती है और न ही आगे की उच्च शिक्षा में। इसलिए, किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने से पहले उसकी असलियत जांचना सबसे जरूरी कदम है!
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📑 विषय सूची (Table of Contents)
- महत्वपूर्ण जानकारी (Highlights)
- UGC ने क्यों जारी की फर्जी यूनिवर्सिटीज की लिस्ट?
- कैसे चेक करें कि यूनिवर्सिटी असली है या फर्जी?
- ऑनलाइन/डिस्टेंस लर्निंग के लिए DEB अप्रूवल
- इंजीनियरिंग, बीएड और लॉ के लिए रेगुलेटरी बॉडी
- सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए प्रभाव
- 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की पूरी सूची (State-wise)
- महत्वपूर्ण लिंक्स (Important Links)
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
महत्वपूर्ण जानकारी एक नजर में (Highlights)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जारीकर्ता संस्था | यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) |
| फर्जी यूनिवर्सिटीज की कुल संख्या | 32 |
| अपडेट की तारीख | 06 अगस्त 2026 |
| मान्यता चेक करने का आधिकारिक पोर्टल | ugc.gov.in |
| ऑनलाइन/डिस्टेंस कोर्स के लिए पोर्टल | deb.ugc.ac.in |
UGC ने क्यों जारी की फर्जी यूनिवर्सिटीज की लिस्ट?
हायर एजुकेशन के नाम पर अवैध रूप से डिग्री बांटने वाले संस्थानों के खिलाफ UGC ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। UGC ने स्पष्ट किया है कि देशभर में ऐसे कई संस्थान संचालित हो रहे हैं जो UGC एक्ट का सीधा उल्लंघन कर रहे हैं।
इन 32 संस्थानों को यूजीसी की तरफ से डिग्रियां जारी करने का कोई अधिकार या मान्यता नहीं दी गई है। आयोग ने छात्रों से अपील की है कि वे समय और पैसा बर्बाद होने से बचाने के लिए एडमिशन से पहले यूनिवर्सिटी की मान्यता जरूर जांच लें।
कैसे चेक करें कि यूनिवर्सिटी असली है या फर्जी?
किसी भी यूनिवर्सिटी की मान्यता (Recognition) जांचने की प्रक्रिया बेहद आसान है:
- सबसे पहले यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट ugc.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर मौजूद ‘Universities’ टैब पर क्लिक करें।
- यहाँ आपको सेंट्रल, स्टेट, डीम्ड और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की अलग-अलग लिस्ट मिल जाएगी।
- जिस यूनिवर्सिटी में आप एडमिशन लेना चाहते हैं, अगर उसका नाम इस लिस्ट में है, तभी वह वैलिड (Valid) मानी जाएगी।
- इसी वेबसाइट के ‘Fake Universities’ सेक्शन में जाकर आप यूजीसी द्वारा फर्जी घोषित किये गए 32 संस्थानों की पूरी सूची देख सकते हैं।
ऑनलाइन और डिस्टेंस लर्निंग कोर्स के लिए DEB पोर्टल पर चेक करें
आजकल ऑनलाइन मोड या डिस्टेंस लर्निंग (Distance Learning) के जरिए बीए (BA), बीएससी (BSc), एमबीए (MBA) जैसे कोर्स काफी लोकप्रिय हैं। लेकिन ध्यान रखें, ऐसे कोर्सेज के लिए सिर्फ यूजीसी की मान्यता होना ही काफी नहीं है!
- यूनिवर्सिटी के पास डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो (DEB) की अलग से मंजूरी होनी चाहिए।
- इसकी पुष्टि के लिए यूजीसी-डीईबी के पोर्टल deb.ugc.ac.in पर जाएं।
- ‘Entitled HEIs’ सेक्शन में चेक करें कि संबंधित यूनिवर्सिटी को उस विशेष ऑनलाइन या डिस्टेंस कोर्स को चलाने की अनुमति है या नहीं।
- कई बार यूनिवर्सिटी यूजीसी से मान्यता प्राप्त होती है, लेकिन किसी खास ऑनलाइन कोर्स के लिए DEB की मंजूरी नहीं होती है, जिससे वह डिग्री अमान्य हो जाती है।
इंजीनियरिंग, बीएड और लॉ जैसे कोर्स के लिए जरूरी रेगुलेटरी बॉडी
प्रोफेशनल और टेक्निकल कोर्सेज (Professional & Technical Courses) के मामले में यूजीसी के साथ-साथ अन्य संबंधित रेगुलेटरी बॉडी का अप्रूवल होना भी अनिवार्य है:
- इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट (Engineering/Management): इसके लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) की मंजूरी होना आवश्यक है।
- टीचर ट्रेनिंग (B.Ed / D.El.Ed): इन कोर्सेज के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) से अप्रूवल होना जरूरी है।
- लॉ की पढ़ाई (Law): कानून की पढ़ाई के लिए छात्रों को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से मान्यता प्राप्त संस्थान ही चुनना चाहिए।
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए क्यों जरूरी है यह जानकारी?
सरकारी नौकरियों में आवेदन करते समय डाक्यूमेंट्स और शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification) का सत्यापन (Verification) बहुत बारीकी से किया जाता है।
- अगर किसी उम्मीदवार की डिग्री UGC द्वारा फर्जी घोषित संस्थान से है, तो परीक्षा पास करने के बावजूद उसका आवेदन रिजेक्ट कर दिया जाएगा।
- डिस्टेंस या ऑनलाइन मोड से पढ़ाई करने वाले उम्मीदवारों के लिए यह और भी गंभीर हो जाता है, ताकि आगे चलकर भर्ती प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) में कोई दिक्कत न आए।
इसलिए, एडमिशन लेने से पहले खुद पोर्टल पर जाकर पुष्टि करें और किसी भी एजेंट या लुभावने विज्ञापन के दावों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें!
राज्य-वार 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची (State-wise Fake Universities)
आंकड़ों के अनुसार पिछले दो सालों में फर्जी विश्वविद्यालयों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। यह संख्या जो पहले लगभग 20 थी, वह अब बढ़कर 32 हो गई है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से 2-2 संस्थान इस काली सूची में शामिल हैं। वहीं दिल्ली और उत्तर प्रदेश के भी कई बड़े संस्थान इसमें शामिल हैं। नीचे कुछ प्रमुख फर्जी संस्थानों की सूची दी गई है:
| क्र.सं. | फर्जी विश्वविद्यालय का नाम | राज्य / स्थान |
|---|---|---|
| 1 | दक्ष यूनिवर्सिटी (वोकेशनल और लाइफ स्किल एजुकेशन), भास्कर पथ, न्यू पुंदाग, मसिबाड़ी | रांची, झारखंड |
| 2 | विश्वविद्यालय का नाम उपलब्ध नहीं (केवल पता: 7वीं लेन, काकुमानुवरिहोट्टा व फिट नं. 301, ग्रेस विला अपा., 7/5, श्रीनगर) | गुंटूर, आंध्र प्रदेश |
| 3 | बाईबल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया (मकान नं. 49-35-26 एन. जी. ओ. कॉलोनी) | विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश |
| 4 | सर्व भारतीय शिक्षा पीठ (एस. के. चौल्टरी के पास, देवनूर मेन रोड, विजया नगर) | तुमकुर, कर्नाटक |
| 5 | ग्लोबल ह्यूमन पीस यूनिवर्सिटी (#1035, चौथा ब्लॉक, डॉ. राजकुमार रोड, राजली नगर) | बेंगलुरु, कर्नाटक |
| 6 | श्री बोधि एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (नं. 186, थीलासपेट, वाजुथवर रोड़) | पुडुचेरी |
| 7 | उषा लात्चुमनन कॉलेज ऑफ एजुकेशन (टी.वी. मलाई रोड, वाझापडियार नगर थिरुक्कनूर) | पुडुचेरी |
| 8 | सेन्ट जॉन यूनिवर्सिटी (कृष्णाटम्) | केरल |
| 9 | इंटरनेशनल इस्लामिक यूनिवर्सिटी ऑफ प्रोफेटिक मेडिसिन (आई. आई. यू. पी. एम.), कुन्नामंगलम कोजहिकोदे | केरल |
| 10 | मैजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी (308ए, दशमेश प्लाजा, मथुरा रोड) | फरीदाबाद, हरियाणा |
| 11 | राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (मानसा चौक, भिवाड़ी) | जिला अलवर, राजस्थान |
| 12 | इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ अल्टरनेटिव मेडिसिन (130/A, सेक्रेटेरिएट एस.ओ.) | अरुणाचल प्रदेश |
UGC Fake University List 2026 कहाँ देखें (Important Links)
| विवरण (Description) | लिंक (Link) |
|---|---|
| UGC आधिकारिक वेबसाइट | Click Here |
| DEB पोर्टल (ऑनलाइन/डिस्टेंस कोर्स) | Click Here |
| Upshiksha Home Page होमपेज | Click Here |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
यूजीसी (UGC) ने वर्ष 2026 के लिए देशभर के 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी की है!
नहीं, इन फर्जी संस्थानों से प्राप्त डिग्री सरकारी नौकरी या किसी भी उच्च शिक्षा संस्थान में एडमिशन के लिए पूरी तरह से अमान्य (Invalid) होती है!
आप यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट ugc.gov.in पर जाकर 'Universities' टैब के तहत सेंट्रल, स्टेट, डीम्ड और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की लिस्ट में नाम चेक कर सकते हैं!
हाँ, यूजीसी द्वारा जारी की गई 2026 की लिस्ट के अनुसार, रांची (झारखंड) स्थित 'दक्ष यूनिवर्सिटी' को फर्जी घोषित किया गया है!
ऑनलाइन और डिस्टेंस कोर्सेज के लिए यूजीसी-डीईबी (UGC-DEB) के पोर्टल deb.ugc.ac.in पर जाकर ‘Entitled HEIs’ सेक्शन में मान्यता चेक करनी चाहिए!
इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कोर्सेज के लिए एआईसीटीई (AICTE) का अप्रूवल होना अनिवार्य है!
बीएड या डी.एल.एड जैसे टीचर ट्रेनिंग कोर्सेज के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की मान्यता जरूरी होती है!
रिपोर्ट के मुताबिक, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों में 2-2 फर्जी विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं!
निष्कर्ष (Conclusion)
शिक्षा हर छात्र के भविष्य की नींव होती है। यूजीसी द्वारा 32 फर्जी विश्वविद्यालयों (UGC Fake University List 2026) की यह लिस्ट छात्रों को अंधकार से बचाने के लिए जारी की गई है। केंद्र सरकार ने भी राज्यों को इन अवैध (illegal) संस्थानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। हमारी आपको यही सलाह है कि किसी भी कॉलेज में एडमिशन फॉर्म भरने या फीस जमा करने से पहले, ऊपर बताए गए तरीकों से संस्थान की प्रामाणिकता और मान्यता जरूर जांच लें। थोड़ी सी सतर्कता आपके कीमती पैसे और करियर के महत्वपूर्ण साल बचा सकती है!
क्या यह जानकारी आपके लिए मददगार साबित हुई?
अगर हाँ, तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और सोशल मीडिया पर Share जरूर करें ताकि कोई और इन फर्जी संस्थानों का शिकार न बने।
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