समायोजन PTR गणना

UP बेसिक शिक्षा PTR कैलकुलेटर | शिक्षक समायोजन विश्लेषण
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उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद

PTR कैलकुलेटर | शिक्षक समायोजन विश्लेषण | शिक्षामित्र स्थिति निर्धारण

RTE 2009 • इलाहाबाद HC 2024 • 2025-26 अद्यतन नियम
⚖️ माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय (नवंबर 2024) — शिक्षामित्रों को PTR गणना में नहीं जोड़ा जाएगा | मानदेय ₹18,000/माह (1 अप्रैल 2026 से)
📐 PTR एवं आवश्यक शिक्षक संख्या गणना
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RTE Act 2009 के अनुसार: 200 से अधिक छात्र होने पर PTR 40:1 (प्रधानाध्यापक को छोड़कर)। 150 से अधिक छात्र होने पर 1 पूर्णकालिक प्रधानाध्यापक अनिवार्य
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छात्र संख्या दर्ज करें — लागू PTR स्लैब स्वतः दिखेगा।
📊 विद्यालय स्थिति: सरप्लस / डेफिसिट / संतुलित विश्लेषण
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महत्वपूर्ण: शिक्षामित्रों की संख्या PTR गणना में शून्य मानी जाती है। केवल नियमित सहायक अध्यापक + प्रधानाध्यापक ही गिने जाते हैं। (इलाहाबाद HC निर्णय, नवंबर 2024)
📋 RTE 2009 — प्राथमिक विद्यालय शिक्षक मानक (स्लैब चार्ट)
नामांकित छात्र (संख्या) आवश्यक सहायक अध्यापक प्रधानाध्यापक लागू PTR
1 – 60 तक2अनिवार्य नहीं30:1 (अधिकतम)
61 – 90 तक3अनिवार्य नहीं30:1
91 – 120 तक4अनिवार्य नहीं30:1
121 – 150 तक5अनिवार्य नहीं30:1
151 – 200 तक51 अनिवार्य40:1 तक
201 से अधिक (जैसे 251)⌈छात्र ÷ 40⌉1 अनिवार्य40:1 (अधिकतम)
📌
उच्च प्राथमिक (कक्षा 6-8): PTR = 35:1। 100 से अधिक छात्र होने पर 1 पूर्णकालिक प्रधानाध्यापक अनिवार्य। विज्ञान-गणित, सामाजिक अध्ययन एवं भाषा के लिए विषय-विशेषज्ञ शिक्षक भी आवश्यक।
आवश्यक शिक्षक = ⌈ कुल छात्र ÷ लागू PTR ⌉
🧮 उदाहरण: 251 छात्र वाला प्राथमिक विद्यालय
  • छात्र संख्या 200 से अधिक — लागू PTR = 40:1
  • 251 ÷ 40 = 6.275 → अगला पूर्ण अंक = 7 सहायक अध्यापक आवश्यक
  • 150 से अधिक छात्र → 1 पूर्णकालिक प्रधानाध्यापक अनिवार्य
  • कुल स्वीकृत पद = 7 सहायक अध्यापक + 1 प्रधानाध्यापक
  • वर्तमान: 4 सहायक + 1 प्रधान → 3 पद रिक्त → विद्यालय DEFICIT श्रेणी में
⚖️ माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय — ऐतिहासिक निर्णय (नवंबर 2024)

⚖️ प्रमुख मामले

  • पुष्कर सिंह चंदेल एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (Writ A No. 5232/2024)
  • गोविंद कौशिक, नीरजा, श्रीमती रीना सिंह — इलाहाबाद HC (लखनऊ खंडपीठ)
  • न्यायमूर्ति मनीष माथुर एकल पीठ / खंडपीठ द्वारा निर्णीत
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रद्द किए गए प्रावधान: 26 जून 2024 के शासनादेश के क्लॉज 3, 7, 8 और 9 को न्यायालय ने "मनमाना और भेदभावपूर्ण" करार देते हुए पूरी तरह रद्द (Quash) कर दिया।
विवादित खंड विषय न्यायालय का निर्णय
क्लॉज 3 शिक्षामित्रों को PTR में गिनना ❌ रद्द — अनु. 14 का उल्लंघन
क्लॉज 7,8,9 LIFO (Last In, First Out) स्थानांतरण ❌ रद्द — प्राकृतिक न्याय विरुद्ध
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सिद्धांत 1 — असमानों को समान नहीं माना जा सकता:
नियमित सहायक अध्यापक (TET/B.Ed अनिवार्य) और शिक्षामित्र (संविदा, इंटर योग्यता) दो अलग कोटियां हैं। इन्हें एक साथ PTR में जोड़ना अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।
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सिद्धांत 2 — कार्यकारी आदेश वैधानिक नियमों से ऊपर नहीं:
कोई भी शासनादेश RTE Act 2009 या UP Basic Education Teachers Service Rules 1981 को ओवरराइड नहीं कर सकता।
सर्वोच्च न्यायालय 2017 (पुष्टि): शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक के रूप में नियमितीकरण रद्द। वे 'पैरा-टीचर' हैं। मानदेय 2026 में ₹18,000/माह किया गया, परंतु वैधानिक स्थिति अपरिवर्तित।
📰 2026 अद्यतन नीति: शिक्षामित्र मानदेय
श्रेणी पूर्व मानदेय नया मानदेय (1 अप्रैल 2026) वृद्धि
शिक्षामित्र ₹10,000/माह ₹18,000/माह +₹8,000 (80%)
अंशकालिक अनुदेशक ₹9,000/माह ₹17,000/माह +₹8,000 (89%)
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