शारदा (SHARDA) ऐप उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग
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शारदा (SHARDA) ऐप उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग की एक क्रांतिकारी पहल है, जिसका लक्ष्य प्रदेश के हर बच्चे को स्कूल की दहलीज तक पहुँचाना है। "शारदा" का अर्थ है— स्कूल हर दिन आएँ (School Har Din Aayein)।
यहाँ इस ऐप और इसके महत्व के बारे में पूरी जानकारी दी गई है:
🎒 शारदा ऐप: अब कोई बच्चा नहीं छूटेगा शिक्षा से!
उत्तर प्रदेश सरकार ने 'आउट ऑफ स्कूल' (OoSC) बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए डिजिटल क्रांति का सहारा लिया है। शारदा ऐप इसी मिशन का सबसे बड़ा हथियार है।
1. ऐप का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस ऐप का प्राथमिक लक्ष्य 7 से 14 वर्ष के उन बच्चों की पहचान करना है जो:
कभी स्कूल नहीं गए।
बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी (45 दिनों से अधिक अनुपस्थित)।
जिनके परिवार पलायन (Migration) करते हैं।
2. ऐप की जादुई खूबियाँ (Key Features):
डिजिटल सर्वे: शिक्षक अब घर-घर जाकर सीधे मोबाइल ऐप पर बच्चों का डेटा फीड कर सकते हैं।
प्रगति की निगरानी: बच्चे के नामांकन से लेकर उसकी दैनिक उपस्थिति और प्रदर्शन का पूरा हिसाब ऐप पर रहता है।
त्रैमासिक मूल्यांकन: बच्चों का बेसलाइन असेसमेंट और फिर हर तीन महीने (अक्टूबर, जनवरी, मार्च) पर उनकी प्रगति जाँची जाती है।
पलायन प्रमाण पत्र: यदि कोई परिवार काम के लिए दूसरे शहर जाता है, तो ऐप के जरिए 'माइग्रेशन सर्टिफिकेट' जारी होता है ताकि बच्चा वहां भी पढ़ाई जारी रख सके।
3. शिक्षकों के लिए लॉगिन प्रक्रिया (How to Login):
लॉगिन करना बेहद आसान है:
पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करें।
6-अंकों का OTP प्राप्त करें।
अपना 4-अंकों का पिन (PIN) सेट करें और काम शुरू करें।
4. कहाँ से डाउनलोड करें?
यह ऐप आप उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट shardaup.in या मिशन प्रेरणा की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।
निष्कर्ष
शारदा ऐप केवल एक एप्लिकेशन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के भविष्य को संवारने की एक डिजिटल सीढ़ी है। यह सुनिश्चित करता है कि गरीबी या पलायन किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बने।
स्टेशनरी:
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