कक्षा 4 हिंदी पाठ्यपुस्तक 'वीणा' - ओणम पाठ के प्रश्न-उत्तर | UpShiksha

कक्षा 4 हिंदी पाठ्यपुस्तक 'वीणा' - ओणम पाठ के प्रश्न-उत्तर | UpShiksha
कक्षा 4 हिंदी पाठ्यपुस्तक 'वीणा' - ओणम पाठ के प्रश्न-उत्तर | UpShiksha

कक्षा 4 हिंदी 'वीणा' - ओणम (संपूर्ण प्रश्न-उत्तर)

बातचीत के लिए (प्रश्नों के उत्तर)

1. ओणम का त्योहार कब मनाया जाता है?
उत्तर: ओणम का त्योहार श्रावण महीने (अगस्त-सितंबर) के श्रावण नक्षत्र के दिन मनाया जाता है।
2. ओणम का त्योहार किस पौराणिक कथा पर आधारित है?
उत्तर: यह त्योहार राजा महाबली (मावेली) और भगवान विष्णु के वामन अवतार की पौराणिक कथा पर आधारित है। माना जाता है कि इस दिन राजा महाबली पाताल लोक से अपनी प्रजा से मिलने धरती पर आते हैं।
3. आप कौन-कौन से त्योहार मनाते हैं?
उत्तर: हम दीपावली, होली, दशहरा, ईद, रक्षाबंधन, क्रिसमस और छठ पूजा जैसे कई त्योहार मनाते हैं। (छात्र अपनी पसंद के अनुसार उत्तर बदल सकते हैं)
4. आपको कौन-सा त्योहार सबसे अधिक अच्छा लगता है और क्यों?
उत्तर: मुझे दीपावली का त्योहार सबसे अच्छा लगता है क्योंकि इस दिन चारों तरफ रंग-बिरंगी रोशनी होती है, नए कपड़े पहनने को मिलते हैं और स्वादिष्ट मिठाइयाँ खाने को मिलती हैं।
5. त्योहार वाले दिन आप क्या-क्या करते हैं?
उत्तर: त्योहार वाले दिन हम सुबह जल्दी उठकर नहाते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, घरों की सफाई और सजावट करते हैं, भगवान की पूजा करते हैं, स्वादिष्ट पकवान खाते हैं और अपने रिश्तेदारों व दोस्तों से मिलकर खुशियाँ बाँटते हैं।

पाठ के भीतर (ओणम के रंग)

यहाँ आपकी पाठ्यपुस्तक वीणा (कक्षा 4) के पाठ 'ओणम के रंग' के अंतर्गत दिए गए प्रश्नों के सही उत्तर दिए गए हैं:

1. प्रश्नों के सटीक उत्तर के सामने सूरज का चित्र (☀) बनाइए—

(क) बच्चों की किन गतिविधियों से पता चलता है कि ओणम का त्योहार आरंभ हो गया है?
सही उत्तर: iii. बच्चे आँगन में पूक्कलम (फूलों की रंगोली) बनाते हैं। ☀
(ख) महाबली ने वामन से कौन-सा वरदान माँगा?
सही उत्तर: iv. अपनी प्रजा से मिलने के लिए धरती पर आने का ☀
(ग) तिरुवोणम के दिन आँगन में बनाई गई कलाकृतियाँ महाबली के चले जाने के बाद ही हटा दी जाती हैं क्योंकि —
सही उत्तर: ii. तीसरे दिन महाबली पाताल लोक लौट जाते हैं। ☀

2. स्तंभ क को ख से मिलाइये:

पूक्कलम
उत्तर: फूल-पत्तियों तथा तरह-तरह के सूखे रंगों से भूमि पर बनाई गई रंगोली। इसे अल्पना आदि नामों से भी जाना जाता है।
द्रोण-पुष्प
उत्तर: इसे गोफा, गुमा जैसे नामों से भी जाना जाता है। यह औषधीय पुष्प वर्षा ऋतु में फलता-फूलता है। इस पौधे की गाँठों पर सफेद फूलों के गुच्छे होते हैं।
तलपंतुकली
उत्तर: इस खेल में नारियल के पत्तों से बनी गेंद जिसे स्थानीय भाषा में 'पंथु' कहा जाता है, एक दल के खिलाड़ियों द्वारा अपने सिर के ऊपर से फेंकी जाती है और दूसरे दल के खिलाड़ी उसे लपककर पकड़ते हैं।
किलिंतट्टुकली
उत्तर: इस खेल में भूमि पर आयताकार आकृति बनाई जाती है जिसे लंबाई में पंक्ति खींचकर पाँच भागों में विभाजित किया जाता है। सभी खिलाड़ियों में से एक खिलाड़ी को 'किली' की भूमिका दी जाती है।
कैकोटिट्टकलि
उत्तर: यह तिरुवतिराक़ली नृत्य रूप का दूसरा नाम है। इस नृत्य में हाथ द्वारा ताली बजाकर ताल देने का विशेष महत्त्व है। यह नृत्य मुख्यतः महिलाओं द्वारा किया जाता है।
त्रिविक्रम
उत्तर: तीनों लोकों को जीतने वाले (विष्णु भगवान)।

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए—

(क) प्रश्न: ओणम के भोज में कौन-कौन से भोज्य पदार्थ बनाए जाते हैं? किसी एक भोज्य पदार्थ के बारे में विस्तार से लिखिए।
उत्तर: ओणम के पारंपरिक भोज (सद्या) में चावल, सांभर, रसम, अवियल (विभिन्न सब्जियों का मिश्रण), ओलन, पचड़ी, पापड़, केले के चिप्स और पायसम (खीर) जैसे अनेक स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जाते हैं。

पायसम के बारे में: पायसम ओणम का मुख्य मीठा व्यंजन (मिठाई) है। यह दूध, चावल (या सेवई) और गुड़ या चीनी को मिलाकर बनाया जाता है। इसमें काजू, बादाम और किशमिश डाले जाते हैं, जिससे इसका स्वाद और बढ़ जाता है।
(ख) प्रश्न: आपके राज्य में कौन-से त्योहार विशेष रूप से मनाए जाते हैं? उन त्योहारों की कौन-सी बातें ओणम से मिलती-जुलती हैं?
उत्तर: हमारे राज्य (जैसे- उत्तर प्रदेश/बिहार/दिल्ली आदि) में दीपावली, होली और छठ पूजा जैसे त्योहार विशेष रूप से मनाए जाते हैं。

मिलती-जुलती बातें: ओणम की तरह इन त्योहारों में भी लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, घरों को फूलों और दीयों से सजाते हैं तथा मिलकर स्वादिष्ट पकवान बनाते हैं।
(ग) प्रश्न: ओणम में गाए जाने वाले लोकगीत में महाबली के शासन की किन विशेषताओं का उल्लेख है?
उत्तर: लोकगीतों के अनुसार, राजा महाबली के शासनकाल में चारों ओर सुख-समृद्धि थी। उनके राज्य में कोई भी व्यक्ति गरीब, दुखी या बीमार नहीं था। समाज में पूरी तरह से समानता थी, कोई छोटा-बड़ा नहीं था और प्रजा में छल-कपट या चोरी का नामोनिशान नहीं था।
(घ) प्रश्न: पाठ में आए किस घटनाक्रम के आधार पर कहा जा सकता है कि महाबली अपनी प्रजा से बहुत ही प्रेम करते थे?
उत्तर: जब भगवान विष्णु (वामन अवतार) ने महाबली से उनका सब कुछ दान में ले लिया, तब भी महाबली को अपनी चिंता नहीं थी। उन्होंने पाताल लोक जाने से पहले भगवान से यह वरदान माँगा कि उन्हें वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने की अनुमति दी जाए। इस घटना से पता चलता है कि वे अपनी प्रजा से अगाध प्रेम करते थे।
(ङ) प्रश्न: पाठ में आई किन बातों से पता चलता है कि प्रकृति भी ओणम के स्वागत की तैयारी कर रही है?
उत्तर: ओणम के समय वर्षा ऋतु समाप्त हो जाती है और आकाश साफ हो जाता है। तालाबों और नदियों में पानी स्वच्छ हो जाता है, तथा उनमें कमल और कुमुदनी के फूल खिल उठते हैं। चारों ओर हरियाली छा जाती है और फसलें लहलहाने लगती हैं। इन बदलावों से पता चलता है कि प्रकृति भी ओणम के स्वागत की तैयारी करती है।

हमारे देश के नृत्य

विभिन्न राज्यों के प्रमुख शास्त्रीय (Classical) और लोक नृत्यों (Folk Dances) को दर्शाया गया है। उनके संबंधित राज्य इस प्रकार हैं:

  • भरतनाट्यम: तमिलनाडु का प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य है।
  • कथक: उत्तर प्रदेश (उत्तर भारत) का शास्त्रीय नृत्य है।
  • कथकली: केरल का शास्त्रीय रंगमंच नृत्य है, जिसमें विशेष मुखौटे और मेकअप का उपयोग होता है।
  • मोहिनीअट्टम: यह भी केरल का एक अत्यंत सुंदर शास्त्रीय नृत्य है।
  • ओडिसी: ओडिशा राज्य का पारंपरिक शास्त्रीय नृत्य है।
  • लावणी: महाराष्ट्र का एक बहुत लोकप्रिय लोक नृत्य (Folk Dance) है।
  • कुचिपुड़ी: आंध्र प्रदेश का प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य है।
लोक-नृत्य (Dance Form) संबंधित राज्य (State)
बिहूअसम
भांगड़ापंजाब
गरबागुजरात
कालबेलियाराजस्थान
छऊझारखंड / पश्चिम बंगाल / ओडिशा

देश हमारा एक, रंग इसके अनेक

यह कार्यपुस्तिका का प्रश्न 3 है, जिसमें आपको विभिन्न त्योहारों को उनके मनाए जाने वाले राज्यों के अनुसार दिए गए रंगों से मानचित्र में भरना है।

A beautiful landscape

📋 त्योहार, राज्य और रंग की सूची

  • ओणम: केरल ➡️ पीला रंग (Yellow)
  • लोहड़ी: पंजाब ➡️ लाल रंग (Red)
  • पोंगल: तमिलनाडु ➡️ हरा रंग (Green)
  • साडकेन: अरुणाचल प्रदेश ➡️ नीला रंग (Blue)
  • बिहू: असम ➡️ भूरा रंग (Brown)
  • छठ: बिहार ➡️ नारंगी रंग (Orange)
  • फूलदेई: उत्तराखंड ➡️ गुलाबी रंग (Pink)
प्रश्न 4. (क) ओणम पर गाया जाने वाला लोकगीत —

(किताब में दिए गए मलयालम लोकगीत का हिंदी रूप नीचे दिया गया है)

महाबली के राज में, सब जन एक समान। दुख-दरिद्रता का नाम नहीं, डाका नहीं, धोखा नहीं, झूठे वचन कोई नहीं, जाली तराजू नहीं, नाप में कमती नहीं, छल-कपट का प्रपंच नहीं, हर कहीं प्रेम-प्रसन्नता छा रही।
प्रश्न 4. (ख) अपने मित्र को अपने यहाँ मनाए जाने वाले किसी प्रमुख त्योहार के बारे में जानकारी देते हुए पत्र लिखिए। पत्र लिखते समय इन बिन्दुओं की सहायता ले सकते हैं- त्योहार का नाम, मनाए जाने का समय, मनाए जाने का कारण, मनाए जाने का तरीका, सावधानियाँ।
उत्तर (पत्र):
परीक्षा भवन, कानपुर। दिनांक: १२ सितंबर २०२६ प्रिय मित्र राहुल, सस्नेह नमस्ते। मैं यहाँ सकुशल हूँ और आशा करता हूँ कि तुम भी सपरिवार आनंद से होगे। इस पत्र के माध्यम से मैं तुम्हें हमारे यहाँ मनाए जाने वाले सबसे प्रमुख त्योहार दीपावली के बारे में बताना चाहता हूँ। यह त्योहार हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। इसे मनाने का मुख्य कारण यह है कि इस दिन भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ १४ वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे। उनके आने की खुशी में अयोध्या वासियों ने घी के दीये जलाकर उनका स्वागत किया था। इसे मनाने का तरीका बहुत सुंदर है। हम सब मिलकर अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं, उन्हें रंग-बिरंगी लाइटों और दीयों से सजाते हैं। शाम को माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है और लोग एक-दूसरे को मिठाइयाँ बाँटते हैं। इस त्योहार में कुछ सावधानियाँ रखना भी बहुत ज़रूरी है। पटाखे जलाते समय हमें हमेशा बड़ों की देखरेख में रहना चाहिए और सूती कपड़े पहनने चाहिए, ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके। इसके अलावा हमें प्रदूषण मुक्त (ग्रीन) पटाखों का ही प्रयोग करना चाहिए। अपने माता-पिता को मेरा सादर प्रणाम कहना। तुम्हारा प्रिय मित्र, अमित
प्रश्न 4. (ग) किसी त्योहार अथवा अवसर पर गाया जाने वाला लोकगीत नीचे लिखें-
उत्तर (होली का लोकगीत):

होली के अवसर पर गाया जाने वाला एक प्रसिद्ध लोकगीत नीचे दिया गया है:

होली खेल रहे बांके बिहारी, आज रंग बरस रहा। अबीर गुलाल के बादल छाए, झूम रहे हैं सब नर-नारी, आज रंग बरस रहा।

शब्दों का चमत्कार

1. पाठ में आए कुछ वाक्यों के अंश नीचे लिखे हैं, इन्हें ध्यान से पढ़िए —
हल्की-हल्की बयार के झोंके
ऊँचे-ऊँचे दीपदान
नन्हें-नन्हें सफेद द्रोण-पुष्प

इन वाक्यांशों में 'हल्की', 'ऊँचे' तथा 'नन्हें' शब्दों का दो बार प्रयोग किया गया है। शब्दों का एक बार प्रयोग करके पढ़ते हैं —

हल्की बयार के झोंके
ऊँचे दीपदान
नन्हें सफेद द्रोण-पुष्प

(नोट: इसे केवल छात्रों को बोलकर पढ़ने और दोनों रूपों के अंतर को समझने के लिए दिया गया है।)
प्रश्न 2: वाक्य प्रयोग

प्रश्न का उद्देश्य: इस प्रश्न में बच्चों को रेखांकित शब्दों ('चमकना', 'मंडराना', 'थमना') का अर्थ समझकर अपने शब्दों में नए वाक्य बनाने हैं。

  • (क) शब्द: चमकना
    उत्तर (वाक्य): रात में आसमान में तारे चमकने लगते हैं।
  • (ख) शब्द: मंडराना
    उत्तर (वाक्य): बगीचे में फूलों के ऊपर भौंरे मंडराते हैं।
  • (ग) शब्द: थमना
    उत्तर (वाक्य): तेज बारिश होने के बाद अब हवा थम गई है।
प्रश्न 3: विशेषण शब्द छाँटना और वाक्य प्रयोग

प्रश्न का उद्देश्य: पाठ में आए विशेषता बताने वाले शब्दों (विशेषण) को पहचानना और उनका वाक्यों में प्रयोग करना सीखना। (जैसे किताब में उदाहरण दिया है: सफेद द्रोण-पुष्प)।

पाठ के आधार पर कुछ अन्य विशेषण शब्द और उनके वाक्य इस प्रकार हैं:

  1. विशेषण शब्द: हल्की (बयार)
    वाक्य प्रयोग: सुबह के समय हल्की हवा चल रही थी।
  2. विशेषण शब्द: ऊंचे (दीपदान)
    वाक्य प्रयोग: मंदिर के पास ऊंचे दीपदान रखे हुए थे।
  3. विशेषण शब्द: नन्हे (पुष्प)
    वाक्य प्रयोग: पौधों पर नन्हे सुंदर फूल खिले हैं।
  4. विशेषण शब्द: ठंडी-ठंडी (हवाएँ)
    वाक्य प्रयोग: पहाड़ों पर ठंडी-ठंडी हवाएँ चलती हैं।
प्रश्न 4: विलोमपद या पैलिंड्रोम (उलटा-सुलटा एक समान शब्द)

प्रश्न का उद्देश्य: बच्चों को ऐसे शब्दों से परिचित कराना जिन्हें आगे या पीछे (बाएँ या दाएँ) किसी भी तरफ से पढ़ने पर एक ही अर्थ और उच्चारण निकलता है (इन्हें हिंदी में 'कनक' या 'लोम-विलोम शब्द' या पैलिंड्रोम कहते हैं)। जैसे: म-ल-या-ल-म, स-र-स, ज-हा-ज।

ऐसे ही कुछ अन्य मजेदार शब्द निम्नलिखित हैं जिन्हें छात्र अपनी टोली में खोज सकते हैं:

  1. कनक (आगे से: क-न-क / पीछे से: क-न-क)
  2. नमन (आगे से: न-म-न / पीछे से: न-म-न)
  3. कड़क (आगे से: क-ड़-क / पीछे से: क-ड़-क)
  4. नवीन (आगे से: न-वी-न / पीछे से: न-वी-न)
  5. जलज (आगे से: ज-ल-ज / पीछे से: ज-ल-ज)
  6. डालडा (आगे से: डा-ल-डा / पीछे से: डा-ल-डा)

अन्य महत्वपूर्ण अभ्यास कार्य

प्रश्न 1: इस पाठ को पुनः पढ़िए और उन पंक्तियों को चिह्नित कीजिए जिनसे यह भाव निकलता है कि त्योहार मिल-जुलकर मनाए जाते हैं।
उत्तर: (यह गतिविधि आपको अपनी पाठ्यपुस्तक के पाठ 'ओणम के रंग' को पढ़कर करनी है। पाठ में जहाँ भी पूरे परिवार, समाज या दोस्तों के साथ मिलकर ओणम मनाने, सामूहिक भोज (सद्या) या नौका दौड़ (वल्लमकाली) का वर्णन है, उन पंक्तियों को रेखांकित करें।)
प्रश्न 2: आपके विद्यालय में 'वन महोत्सव' का आयोजन किया जाना है। इस आयोजन का संपूर्ण उत्तरदायित्व आपकी कक्षा को दिया गया है।

(क) सभी सहपाठी मिलकर योजना बनाइए कि 'वन महोत्सव' के आयोजन हेतु क्या-क्या किया जाएगा।

उत्तर (योजना):
  • पौधारोपण स्थल का चयन: विद्यालय परिसर में पौधे लगाने के लिए खाली जगह निश्चित करना।
  • पौधों की व्यवस्था: नर्सरी से छायादार, फलदार और फूलों वाले पौधे (जैसे नीम, आम, गुलमोहर) मंगाना।
  • मुख्य अतिथि और निमंत्रण: प्रधानाचार्य जी और अभिभावकों को आमंत्रित करना।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: पर्यावरण संरक्षण पर आधारित लघु नाटक, कविता पाठ और भाषण प्रतियोगिता की तैयारी करना।
  • सामग्री की व्यवस्था: गड्ढे खोदने के लिए खुरपी, फावड़ा और पौधों को पानी देने के लिए बर्तनों का प्रबंध करना।
  • पोस्टर और नारे: 'पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ' जैसे नारों के चार्ट पेपर तैयार करना।

(ख) वन महोत्सव में अभिभावकों को आमंत्रित करने के लिए आमंत्रण पत्र तैयार कीजिए।

A beautiful landscape
प्रश्न 3: दिए गए स्थान पर पूक्कलम (रंगोली) बनाइए—
उत्तर: (इस बॉक्स के अंदर आपको फूलों वाली सुंदर ओणम रंगोली यानी पूक्कलम का चित्र बनाना है। आप इसके लिए गोल आकार बनाकर उसमें अलग-अलग रंगों की पंखुड़ियों (जैसे गेंदा, गुलाब) के डिज़ाइन बना सकते हैं।)
प्रश्न 4: आप अपने विद्यालय में आयोजित उत्सवों में किस प्रकार योगदान देते हैं?
उत्तर: मैं अपने विद्यालय में आयोजित होने वाले उत्सवों में निम्नलिखित तरीकों से सक्रिय रूप से योगदान देता हूँ:
  • सजावट कार्य: उत्सव के लिए मंच (स्टेज) को फूलों, गुब्बारों और चार्ट पेपर से सजाने में मदद करता हूँ।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: देशभक्ति गीतों, नाटकों, नृत्य या भाषण प्रतियोगिताओं में भाग लेता हूँ।
  • अनुशासन बनाए रखना: कार्यक्रम के दौरान बच्चों को शांति से बैठाने और व्यवस्था बनाए रखने में शिक्षकों की सहायता करता हूँ।
  • अतिथियों का स्वागत: विद्यालय आने वाले मुख्य अतिथियों और अभिभावकों के स्वागत व बैठने की व्यवस्था में सहयोग करता हूँ।

सामान्य ज्ञान

प्रश्न 1: नीचे दिए गए बिंदुओं के आधार पर केरल के बारे में कुछ और जानकारी जुटाइए।
उत्तर: केरल राज्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियाँ इस प्रकार हैं:
  • शास्त्रीय नृत्य: कथकली और मोहिनीअट्टम।
  • भाषा: मलयालम।
  • परिधान/वस्त्र: पुरुषों के लिए 'मुंडू' (धोती) और महिलाओं के लिए 'केरल साड़ी' (कसावू साड़ी या मुंडुम नेरियाथुम)।
  • मुख्य फसल: चावल, नारियल, रबर, काली मिर्च और अन्य मसाले।
  • राजधानी: तिरुवनंतपुरम।
  • त्योहार: ओणम और विशु।
  • सीमांत प्रदेश (पड़ोसी राज्य): कर्नाटक और तमिलनाडु।
प्रश्न 2: कुछ ऐसे व्यक्तियों के बारे में पता कीजिए और उनकी एक सूची बनाइए जिन्होंने अपनी शारीरिक अक्षमताओं को पीछे छोड़ते हुए एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त की।
उत्तर: अपनी शारीरिक अक्षमताओं (दिव्यांगता) को मात देकर इतिहास रचने वाले कुछ महान व्यक्तियों की सूची निम्नलिखित है:
  • स्टीफन हॉकिंग (Stephen Hawking): मोटर न्यूरॉन (ALS) बीमारी के कारण उनके पूरे शरीर ने काम करना बंद कर दिया था, फिर भी वे दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और महान भौतिक विज्ञानी (Physicist) और ब्रह्मांड विज्ञानी बने।
  • अरुणिमा सिन्हा (Arunima Sinha): एक ट्रेन दुर्घटना में अपना एक पैर खो देने के बावजूद, वे कृत्रिम पैर (आर्टिफिशियल लेग) के सहारे माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली दुनिया की पहली भारतीय दिव्यांग महिला बनीं।
  • हेलेन केलर (Helen Keller): बचपन में एक बीमारी के कारण वे देखने और सुनने की शक्ति खो चुकी थीं। इसके बावजूद वे एक महान लेखिका, राजनीतिक कार्यकर्ता और व्याख्याता (Lecturer) बनीं।
  • सुधा चंद्रन (Sudha Chandran): एक सड़क दुर्घटना में अपना एक पैर खो देने के बाद भी, उन्होंने हौसला नहीं हारा और नकली पैर (जयपुर फुट) की मदद से भारत की एक बेहद प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना (Bharatnatyam Dancer) और अभिनेत्री बनीं।
  • गिरीश शर्मा (Girish Sharma): बचपन में एक ट्रेन दुर्घटना में अपना एक पैर खोने के बावजूद, उन्होंने देश का नाम रोशन किया और पैरा-बैडमिंटन में भारत के लिए चैंपियन बने।
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