पृथ्वी की आंतरिक संरचना | The Interior of the Earth | Super TET E01 Notes

पृथ्वी की आंतरिक संरचना | The Interior of the Earth | Super TET E01 Notes
भूगोल एवं पृथ्वी की संरचना: महत्वपूर्ण नोट्स और पिछले वर्षों के प्रश्न

पृथ्वी की संरचना, भूकंपीय तरंगें और महत्वपूर्ण प्रश्न (Geography Notes)

पृथ्वी का आंतरिक भाग और गुरुत्वाकर्षण

पृथ्वी की त्रिज्या लगभग 6,378 किमी है। दक्षिण अफ्रीका में सोने की खदानें 3 - 4 किमी तक गहरी हैं। आर्कटिक महासागर में कोला (Kola) में अब तक का सबसे गहरा ड्रिल (प्रवेधन) 12 किमी की गहराई तक पहुँच चुका है।

सतह पर अलग-अलग अक्षांशों पर गुरुत्वाकर्षण बल (g) समान नहीं होता है। यह ध्रुवों के पास अधिक और भूमध्य रेखा (विषुवत रेखा) पर कम होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भूमध्य रेखा पर केंद्र से दूरी ध्रुवों की तुलना में अधिक होती है।

गुरुत्वाकर्षण का मान पदार्थ के द्रव्यमान के अनुसार भी भिन्न होता है। पृथ्वी के भीतर पदार्थ के द्रव्यमान का असमान वितरण इस मान को प्रभावित करता है। अलग-अलग स्थानों पर गुरुत्वाकर्षण की रीडिंग कई अन्य कारकों से प्रभावित होती है। इन रीडिंग का अपेक्षित मानों से भिन्न होना 'गुरुत्व विसंगति' (Gravity Anomaly) कहलाता है। गुरुत्व विसंगतियां हमें पृथ्वी की क्रस्ट (पर्पटी) में पदार्थ के द्रव्यमान के वितरण के बारे में जानकारी देती हैं।

चुंबकीय सर्वेक्षण (Magnetic surveys) भी क्रस्ट वाले हिस्से में चुंबकीय पदार्थों के वितरण के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। पृथ्वी के आंतरिक भाग के बारे में जानकारी का एक सबसे महत्वपूर्ण स्रोत भूकंपीय गतिविधि (Seismic activity) है।

पृथ्वी क्यों कांपती है? (Why does the earth shake?)

भ्रंश (Fault) के किनारे ऊर्जा के निकलने के कारण भूकंप आता है। भ्रंश क्रस्टल चट्टानों में एक तीखा ब्रेक (दरार) होता है। भ्रंश के किनारे चट्टानें विपरीत दिशाओं में खिसकने की प्रवृत्ति रखती हैं। चूँकि ऊपर की चट्टानी परतें उन पर दबाव डालती हैं, इसलिए घर्षण उन्हें एक साथ बांधे रखता है। हालाँकि, एक समय ऐसा आता है जब उनके अलग होने की प्रवृत्ति घर्षण पर हावी हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप, ब्लॉक विकृत हो जाते हैं और अंततः वे एक-दूसरे के पास से अचानक खिसक जाते हैं।

इससे ऊर्जा का निष्कासन होता है और ऊर्जा तरंगें सभी दिशाओं में यात्रा करती हैं। जिस बिंदु पर ऊर्जा निकलती है उसे भूकंप का उद्गम केंद्र (Focus) या अवकेंद्र (Hypocentre) कहा जाता है। विभिन्न दिशाओं में यात्रा करने वाली ऊर्जा तरंगें सतह तक पहुँचती हैं। सतह पर वह बिंदु जो फोकस के सबसे नजदीक होता है, अधिकेंद्र (Epicentre) कहलाता है। यह तरंगों का अनुभव करने वाला पहला स्थान होता है। यह सीधे फोकस के ऊपर स्थित एक बिंदु है।

भूकंपीय तरंगें (Earthquake Waves)

भूकंपीय तरंगें मूल रूप से दो प्रकार की होती हैं — भूगर्भिक तरंगें (Body waves) और धरातलीय तरंगें (Surface waves)

भूगर्भिक तरंगें (Body waves): ये फोकस पर ऊर्जा के निकलने के कारण उत्पन्न होती हैं और पृथ्वी के भीतरी भाग (body) से होकर सभी दिशाओं में यात्रा करती हैं। इसलिए इन्हें भूगर्भिक तरंगें नाम दिया गया है। जब ये भूगर्भिक तरंगें सतह की चट्टानों के साथ क्रिया करती हैं तो तरंगों का एक नया सेट उत्पन्न होता है जिसे धरातलीय तरंगें (Surface waves) कहा जाता है। ये तरंगें सतह के साथ-साथ चलती हैं।

विभिन्न घनत्व वाले पदार्थों से गुजरते समय तरंगों का वेग (velocity) बदल जाता है। पदार्थ जितना सघन होगा, वेग उतना ही अधिक होगा। जब ये अलग-अलग घनत्व वाले पदार्थों से टकराती हैं तो परावर्तित (reflect) या अपवर्तित (refract) होने के कारण इनकी दिशा भी बदल जाती है।

भूगर्भिक तरंगें दो प्रकार की होती हैं: P-तरंगें और S-तरंगें

  • P-तरंगें (प्राथमिक तरंगें): ये तेज़ चलती हैं और सतह पर सबसे पहले पहुँचती हैं। ये ध्वनि तरंगों के समान होती हैं (अनुदैर्ध्य प्रकृति - longitudinal)। ये गैसीय, तरल और ठोस तीनों प्रकार के पदार्थों से होकर गुजर सकती हैं।
  • S-तरंगें (द्वितीयक तरंगें): ये सतह पर कुछ समय के अंतराल (time lag) के साथ पहुँचती हैं। ये अनुप्रस्थ (transverse) प्रकृति की होती हैं - इनकी गति पानी की सतह पर उठने वाली लहरों के समान होती है। S-तरंगों के बारे में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि ये केवल ठोस पदार्थों से होकर ही यात्रा कर सकती हैं। S-तरंगों की यह विशेषता बहुत महत्वपूर्ण है; इसी ने वैज्ञानिकों को पृथ्वी के आंतरिक भाग की संरचना को समझने में मदद की है।

P-तरंगें S-तरंगों की तुलना में तेज़ क्यों चलती हैं?

  • P-तरंगें S-तरंगों की तुलना में लगभग 1.7 गुना तेज़ होती हैं।
  • P-तरंगें संपीडन तरंगें (compression waves) होती हैं जो संचरण की दिशा में बल लगाती हैं, इसलिए वे माध्यम के माध्यम से अपनी ऊर्जा को आसानी से प्रसारित करती हैं और तेज़ी से यात्रा करती हैं।
  • दूसरी ओर, S-तरंगें अनुप्रस्थ या अपरूपण तरंगें (shear waves) होती हैं (जिसमें माध्यम की गति तरंग के संचरण की दिशा के लंबवत होती है) और इसलिए वे माध्यम से आसानी से प्रसारित नहीं हो पाती हैं।

ध्वनि और प्रकाश: ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है और माध्यम के संपीडन (compression) और विरलन (rarefaction) के कारण यात्रा करती है। प्रकाश एक अनुप्रस्थ विद्युत चुम्बकीय तरंग है। घनत्व में वृद्धि से प्रभावी पथ की लंबाई बढ़ जाती है, और इसलिए यह उच्च अपवर्तनांक (refractive index) और कम वेग की ओर ले जाता है। P-तरंगों के कारण पदार्थ में घनत्व का अंतर पैदा होता है जिससे पदार्थ में खिंचाव (विरलन) और दबाव (संपीडन) होता है। हम आमतौर पर कहते हैं कि ध्वनि तरंगों की गति घनत्व पर निर्भर करती है। लेकिन इसके कुछ अपवाद हैं - पारा (mercury) लोहे (iron) की तुलना में सघन है, लेकिन यह कम लोचदार (elastic) है; इसलिए लोहे में ध्वनि की गति पारे की तुलना में अधिक होती है।

वैज्ञानिक खोजें

  • भूविज्ञानी रिचर्ड ओल्डहैम ने 1906 में सबसे पहले तरल बाहरी कोर का प्रदर्शन किया था।
  • कोर-मेंटल सीमा पर P तरंगों के भूकंपीय वेग में अचानक परिवर्तन और S तरंगों की अनुपस्थिति का पता सबसे पहले बेनो गुटेनबर्ग ने 1913 में लगाया था।
  • 105° से आगे के क्षेत्र में S-तरंगें प्राप्त नहीं होती हैं।

🌍 छाया क्षेत्र का उद्भव कैसे होता है? (Mechanics of Shadow Zone)

भूकंपीय छाया क्षेत्र (Seismic Shadow Zone) पृथ्वी की सतह का वह विशिष्ट क्षेत्र है जहाँ भूकंपमापी यंत्र (Seismograph) किसी भूकंप से उत्पन्न होने वाली प्रत्यक्ष भूकंपीय तरंगों (P-तरंगों और S-तरंगों) को रिकॉर्ड नहीं कर पाते। जब भूकंप आता है, तो तरंगें चारों दिशाओं में फैलती हैं, लेकिन पृथ्वी की आंतरिक परतों (क्रस्ट, मेंटल, कोर) के बदलते घनत्व और भौतिक अवस्था (ठोस या तरल) के कारण ये तरंगें अपवर्तित (Refracted) या परावर्तित (Reflected) हो जाती हैं, जिससे इस छाया क्षेत्र का उद्भव होता है।

पृथ्वी के भीतर मुख्य रूप से दो प्रकार की 'बॉडी वेव्स' (Body Waves) यात्रा करती हैं, और दोनों का छाया क्षेत्र अलग-अलग होता है:

1. P-तरंग छाया क्षेत्र (P-Wave Shadow Zone)

  • विशेषता: P-तरंगें (प्राथमिक तरंगें) ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं।
  • कारण: जैसे ही P-तरंगें मेंटल (ठोस) से बाहरी कोर (तरल) में प्रवेश करती हैं, तरल माध्यम के कारण उनकी गति धीमी हो जाती है और वे अंदर की ओर मुड़ (अपवर्तित हो) जाती हैं।
  • क्षेत्र: इसके कारण भूकंप के उपरिकेंद्र (Epicentre) से 103° से 142° के बीच का क्षेत्र P-तरंगों के लिए छाया क्षेत्र बन जाता है। इस पट्टी में कोई भी प्रत्यक्ष P-तरंग रिकॉर्ड नहीं होती। (नोट: कुछ स्रोतों/पुरानी NCERT में इसे 105° से 145° भी दिया गया है)।

2. S-तरंग छाया क्षेत्र (S-Wave Shadow Zone)

  • विशेषता: S-तरंगें (द्वितीयक तरंगें) केवल ठोस माध्यम से ही गुजर सकती हैं, तरल माध्यम में ये लुप्त हो जाती हैं।
  • कारण: पृथ्वी का बाहरी कोर (Outer Core) तरल अवस्था में है, इसलिए S-तरंगें इसमें प्रवेश नहीं कर पातीं और यहीं रुक जाती हैं।
  • क्षेत्र: इसके परिणामस्वरूप, उपरिकेंद्र से 103° के आगे का पूरा क्षेत्र (103° से 180° तक) S-तरंगों के लिए एक विशाल छाया क्षेत्र बन जाता है।

पृथ्वी की संरचना (Structure of the Earth)

पृथ्वी के कुल आयतन का केवल 1 प्रतिशत हिस्सा क्रस्ट (Crust) है, 84 प्रतिशत मेंटल (Mantle) है और 15 प्रतिशत कोर (Core) है।

1. क्रस्ट (The Crust / भू-पर्पटी)

महाद्वीपीय क्रस्ट की तुलना में महासागरीय क्रस्ट पतली होती है। महासागरीय क्रस्ट की औसत मोटाई 5 किमी है जबकि महाद्वीपीय क्रस्ट की मोटाई लगभग 30 किमी है। प्रमुख पर्वत प्रणालियों के क्षेत्रों में महाद्वीपीय क्रस्ट अधिक मोटी होती है। हिमालय क्षेत्र में यह 70 किमी तक मोटी है।

2. मेंटल (The Mantle)

क्रस्ट के नीचे के आंतरिक भाग को मेंटल कहा जाता है। मेंटल, मोहो असंबद्धता (Moho's discontinuity) से लेकर 2,900 किमी की गहराई तक फैला हुआ है। मेंटल के ऊपरी हिस्से को एस्थेनोस्फीयर (Asthenosphere / दुर्बलता मंडल) कहा जाता है। एस्थेनो शब्द का अर्थ है 'कमज़ोर'। इसे 400 किमी तक फैला हुआ माना जाता है। यह मैग्मा का मुख्य स्रोत है जो ज्वालामुखी विस्फोट के दौरान सतह पर अपना रास्ता बनाता है। क्रस्ट और मेंटल के सबसे ऊपरी हिस्से को मिलाकर लिथोस्फीयर (Lithosphere / स्थलमंडल) कहा जाता है। इसकी मोटाई 10-200 किमी तक होती है। निचला मेंटल एस्थेनोस्फीयर से परे फैला हुआ है और यह ठोस अवस्था में है।

मेंटल का घनत्व क्रस्ट से अधिक होता है। ऊपरी मेंटल के पदार्थ को मैग्मा कहा जाता है। जब यह क्रस्ट की ओर बढ़ना शुरू करता है या सतह पर पहुँच जाता है, तो इसे 'लावा' कहा जाता है। जमीन पर पहुँचने वाले पदार्थों में लावा प्रवाह, पाइरोक्लास्टिक मलबा, ज्वालामुखी बम, राख और धूल, और नाइट्रोजन यौगिक, सल्फर यौगिक तथा थोड़ी मात्रा में क्लोरीन, हाइड्रोजन और आर्गन जैसी गैसें शामिल होती हैं।

3. कोर (The Core / क्रोड)

भूकंपीय तरंगों के वेग ने पृथ्वी के कोर के अस्तित्व को समझने में मदद की है। कोर-मेंटल सीमा 2,900 किमी की गहराई पर स्थित है। बाहरी कोर तरल अवस्था में है जबकि आंतरिक कोर ठोस अवस्था में है। कोर बहुत भारी सामग्री से बना है, जो मुख्य रूप से निकल (Nickel) और लोहे (Iron) से बना है। इसलिए इसे कभी-कभी 'निफे' (nife) परत भी कहा जाता है।



पृथ्वी की असंबद्धताएं (Discontinuities) याद रखने की ट्रिक

पृथ्वी के आंतरिक हिस्से की परतों के बीच पाई जाने वाली असंबद्धताओं (Discontinuities) को ऊपर से नीचे (सर्फेस से कोर की तरफ) के क्रम में याद रखने की सबसे आसान और मजेदार ट्रिक "CM राहुल गांधी लखनऊ गए" या "CM REGULar" है।

इस आसान ट्रिक से आप परीक्षा में कभी भी इनका क्रम नहीं भूलेंगे।

1. मुख्य शॉर्ट ट्रिक (Mnemonic Trick)

💡 ट्रिक वाक्य: CM Rahul Gandhi Lucknow गए।

इस वाक्य के अक्षरों से असंबद्धताओं के नाम इस प्रकार बनते हैं:

  • C = Conrad Discontinuity (कॉनराड असंबद्धता)
  • M = Moho (Mohorovičić) Discontinuity (मोहो असंबद्धता)
  • R = Repetti Discontinuity (रेपेटी असंबद्धता)
  • G = Gutenberg Discontinuity (गुटेनबर्ग असंबद्धता)
  • L = Lehmann Discontinuity (लेहमैन असंबद्धता) [3, 4, 5]

(वैकल्पिक अंग्रेजी ट्रिक: "CM REGULar" — C, M, RE-petti, GU-tenberg, L-ehmann)

2. यह असंबद्धताएं किन परतों के बीच हैं? (सटीक क्रम)

पृथ्वी की मुख्य 3 परतें हैं (क्रस्ट, मेंटल, कोर) और इन तीनों के दो-दो उप-भाग (Upper और Lower) होते हैं:

ट्रिक अक्षर असंबद्धता का नाम (Discontinuity) किन दो परतों के बीच में है?
C कॉनराड (Conrad) ऊपरी क्रस्ट और निचली क्रस्ट के बीच (Upper & Lower Crust)
M मोहो (Moho) क्रस्ट और मेंटल के बीच (Crust & Mantle)
R रेपेटी (Repetti) ऊपरी मेंटल और निचले मेंटल के बीच (Upper & Lower Mantle)
G गुटेनबर्ग (Gutenberg) मेंटल और कोर के बीच (Mantle & Core)
L लेहमैन (Lehmann) बाहरी कोर और आंतरिक कोर के बीच (Outer & Inner Core)

3. याद रखने का एक और व्यावहारिक तरीका (Layer-wise Break)

  • क्रस्ट के अंदर: कॉनराड (C)
  • क्रस्ट और मेंटल का जोड़: मोहो (M)
  • मेंटल के अंदर: रेपेटी (R)
  • मेंटल और कोर का जोड़: गुटेनबर्ग (G)
  • कोर के अंदर: लेहमैन (L)

महत्वपूर्ण प्रश्न और उनके उत्तर

1. स्वेस का रासायनिक वर्गीकरण (SIAL, SIMA, NIFE)

प्रश्न: एडवर्ड स्वेस (Eduard Suess) द्वारा प्रतिपादित पृथ्वी की आंतरिक परतों के वर्गीकरण के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?

(A) SIAL परत में सिलिका और मैग्नीशियम की प्रधानता होती है。
(B) SIMA परत का घनत्व NIFE से अधिक होता है。
(C) SIAL क्रस्ट का ऊपरी भाग है, SIMA मध्यवर्ती परत है, और NIFE केंद्रीय क्रोड है जिसमें निकल व लोहे की उपस्थिति के कारण घनत्व सबसे अधिक होता है。
(D) NIFE परत मुख्य रूप से सिलिकेट्स और मैग्नीशियम से बनी होती है。

उत्तर: (C)

व्याख्या: ऑस्ट्रिया के भूवैज्ञानिक एडवर्ड स्वेस ने पृथ्वी को तीन रासायनिक परतों में बांटा:
SIAL: सिलिका (Si) + एल्युमिनियम (Al) – ऊपरी परत।
SIMA: सिलिका (Si) + मैग्नीशियम (Mg) – मध्य परत।
NIFE: निकल (Ni) + फेरम/लोहा (Fe) – सबसे आंतरिक और भारी परत (घनत्व ~11-13)।

2. मेंटल का आयतन एवं द्रव्यमान प्रतिशत

प्रश्न: पृथ्वी के कुल आयतन (Volume) और कुल द्रव्यमान (Mass) में मेंटल (Mantle) की हिस्सेदारी का सही प्रतिशत संयोजन क्या है?

(A) कुल आयतन का 68% और कुल द्रव्यमान का 84%
(B) कुल आयतन का 50% और कुल द्रव्यमान का 50%
(C) कुल आयतन का 84% और कुल द्रव्यमान का 68%
(D) कुल आयतन का 99% और कुल द्रव्यमान का 90%

उत्तर: (C)

व्याख्या: मेंटल पृथ्वी की सबसे विशाल परत है। यह पृथ्वी के कुल आयतन का लगभग 84% और कुल द्रव्यमान का लगभग 68% भाग घेरती है।

3. मोहो असंतुल्यता (Mohorovicic Discontinuity)

प्रश्न: मोहो असंतुल्यता (Mohorovicic Discontinuity) किन दो परतों के बीच सीमा बनाती है?

(A) क्रस्ट (Crust) और मेंटल (Mantle) के बीच
(B) ऊपरी मेंटल और निचले मेंटल के बीच
(C) मेंटल और क्रोड के बीच
(D) बाह्य क्रोड और आंतरिक क्रोड के बीच

उत्तर: (A)

व्याख्या: मोहो असंतुल्यता क्रस्ट और मेंटल को अलग करती है। इस सीमा पर घनत्व में अचानक बदलाव होने के कारण भूकंपीय प्राथमिक तरंगों (P-waves) की गति अचानक बढ़ जाती है।

4. गुटेनबर्ग असंतुल्यता (Gutenberg Discontinuity)

प्रश्न: गुटेनबर्ग असंतुल्यता पर भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) पर क्या प्रभाव पड़ता है?

(A) S-तरंगें (Secondary waves) यहाँ पूर्णतः विलुप्त हो जाती हैं और P-तरंगों की गति घट जाती है。
(B) P-तरंगें और S-तरंगें दोनों की गति अचानक अधिकतम हो जाती है。
(C) केवल P-तरंगें विलुप्त होती हैं。
(D) भूकंपीय तरंगों के वेग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता。

उत्तर: (A)

व्याख्या: गुटेनबर्ग असंतुल्यता मेंटल और बाह्य क्रोड (Outer Core) के बीच स्थित है। चूंकि पृथ्वी का बाह्य क्रोड तरल (Liquid) अवस्था में है, और S-तरंगें तरल माध्यम में यात्रा नहीं कर सकतीं, इसलिए वे यहाँ लुप्त हो जाती हैं।

5. क्रोड की भौतिक अवस्था (State of the Core)

प्रश्न: पृथ्वी का बाह्य क्रोड तरल अवस्था में है, जबकि आंतरिक क्रोड अत्यधिक तापमान के बावजूद ठोस (Solid) अवस्था में है। इसका कारण क्या है?

(A) आंतरिक क्रोड में रेडियोएक्टिव तत्व नहीं होते。
(B) आंतरिक क्रोड पर अत्यधिक दाब (Pressure) के कारण लोहे का गलनांक (Melting point) बढ़ जाता है。
(C) आंतरिक क्रोड शुद्ध कार्बन से बना है。
(D) आंतरिक क्रोड पर गुरुत्वाकर्षण शून्य होता है。

उत्तर: (B)

व्याख्या: अत्यधिक ऊंचे तापमान के बावजूद, पृथ्वी के केंद्र में अत्यधिक दबाव (Super High Pressure) होने के कारण चट्टानें और धातुएं पिघल नहीं पातीं और ठोस अवस्था में बनी रहती हैं।

6. एस्थेनोस्फीयर (Asthenosphere / दुर्बलता मंडल)

प्रश्न: एस्थेनोस्फीयर (Asthenosphere) के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?

(A) यह लिथोस्फीयर का सबसे कठोर हिस्सा है。
(B) यह वायुमंडल की सबसे बाहरी परत है。
(C) यह ऊपरी मेंटल का भाग है, जो अर्ध-पिघली (Plastic) अवस्था में है और विवर्तनिक प्लेटों के तैरने का आधार है。
(D) यह पूरी तरह से गैसीय अवस्था में है。

उत्तर: (C)

व्याख्या: क्रस्ट के नीचे ऊपरी मेंटल में लगभग 100 से 400 किमी की गहराई पर एस्थेनोस्फीयर पाया जाता है। यह अर्ध-तरल या प्लास्टिक अवस्था में होता है। ज्वालामुखी के समय निकलने वाला मैग्मा इसी परत से आता है।

7. भूपर्पटी (Crust) में तत्वों की प्रचुरता

प्रश्न: पृथ्वी की भूपर्पटी (Crust) में भार के अनुसार सर्वाधिक पाए जाने वाले तत्वों का सही अवरोही (घटता हुआ) क्रम क्या है?

(A) सिलिकॉन > ऑक्सीजन > एल्युमिनियम > लोहा
(B) ऑक्सीजन > सिलिकॉन > एल्युमिनियम > लोहा
(C) लोहा > ऑक्सीजन > सिलिकॉन > मैग्नीशियम
(D) ऑक्सीजन > एल्युमिनियम > सिलिकॉन > कैल्शियम

उत्तर: (B)

व्याख्या: भूपर्पटी (Crust) में पाए जाने वाले मुख्य तत्व: ऑक्सीजन (~46.6%), सिलिकॉन (~27.7%), एल्युमिनियम (~8.1%) और लोहा (~5.0%) हैं। (नोट: पूरी पृथ्वी में सबसे ज्यादा लोहा पाया जाता है, लेकिन केवल क्रस्ट पर ऑक्सीजन सबसे ज्यादा है)।

8. भूकंपीय असंतुल्यताओं (Discontinuities) का क्रम

प्रश्न: पृथ्वी की सतह से केंद्र (ऊपर से नीचे) की ओर जाने पर मिलने वाली असंतुल्यताओं का सही क्रम क्या है?

(A) मोहो -> कॉनराड -> गुटेनबर्ग -> रेपेट्टी -> लेहमैन
(B) कॉनराड -> मोहो -> रेपेट्टी -> गुटेनबर्ग -> लेहमैन
(C) गुटेनबर्ग -> मोहो -> रेपेट्टी -> कॉनराड -> लेहमैन
(D) मोहो -> रेपेट्टी -> कॉनराड -> लेहमैन -> गुटेनबर्ग

उत्तर: (B)

व्याख्या: ऊपर से नीचे का सही क्रम इस प्रकार है:
कॉनराड (Conrad): ऊपरी क्रस्ट और निचले क्रस्ट के बीच।
मोहो (Moho): निचले क्रस्ट और ऊपरी मेंटल के बीच।
रेपेट्टी (Repetti): ऊपरी मेंटल और निचले मेंटल के बीच।
गुटेनबर्ग (Gutenberg): निचले मेंटल और बाह्य क्रोड के बीच।
लेहमैन (Lehmann): बाह्य तरल क्रोड और आंतरिक ठोस क्रोड के बीच।

9. प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष स्रोत (Direct & Indirect Sources)

प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन-सा पृथ्वी की आंतरिक संरचना के विषय में जानकारी का प्रत्यक्ष (Direct) स्रोत है?

(A) भूकंपीय तरंगें (Seismic Waves)
(B) गुरुत्वाकर्षण बल (Gravity Anomaly)
(C) ज्वालामुखीय उद्गार (Volcanic Eruptions)
(D) उल्कापिंड (Meteorites)

उत्तर: (C) [1]

व्याख्या: पृथ्वी के अंदर से निकलने वाला मैग्मा/लावा सीधे धरातल पर आता है, इसलिए यह प्रत्यक्ष स्रोत है। जबकि भूकंपीय तरंगें, गुरुत्वाकर्षण और उल्कापिंड अप्रत्यक्ष (Indirect) स्रोत के अंतर्गत आते हैं।

10. महासागरीय बनाम महाद्वीपीय क्रस्ट (Oceanic vs Continental Crust)

प्रश्न: महासागरीय क्रस्ट (Oceanic Crust) और महाद्वीपीय क्रस्ट (Continental Crust) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा सत्य है?

(A) महाद्वीपीय क्रस्ट, महासागरीय क्रस्ट से पतली होती है。
(B) महासागरीय क्रस्ट मुख्य रूप से बेसाल्टिक (Basalt) चट्टानों से बनी है, जबकि महाद्वीपीय क्रस्ट ग्रेनाइट (Granite) चट्टानों से बनी है。
(C) महासागरीय क्रस्ट का घनत्व महाद्वीपीय क्रस्ट से कम होता है。
(D) दोनों की मोटाई हर जगह समान होती है।

उत्तर: (B)

व्याख्या: महासागरीय क्रस्ट पतली (लगभग 5-7 किमी) लेकिन अधिक घनत्व वाली भारी बेसाल्ट चट्टानों से बनी होती है। महाद्वीपीय क्रस्ट मोटी (35-70 किमी) लेकिन कम घनत्व वाली हल्की ग्रेनाइट चट्टानों से बनी होती है।

11. लिथोस्फीयर (Lithosphere / स्थलमंडल) की परिभाषा

प्रश्न: भूविज्ञान में 'स्थलमंडल' (Lithosphere) के अंतर्गत पृथ्वी की कौन-सी परतें शामिल की जाती हैं?

(A) केवल ऊपरी क्रस्ट (Upper Crust)
(B) संपूर्ण भूपर्पटी (Crust) और संपूर्ण मेंटल (Mantle)
(C) संपूर्ण भूपर्पटी (Crust) और ऊपरी मेंटल का सबसे ऊपरी ठोस भाग (Uppermost Solid Mantle)
(D) केवल एस्थेनोस्फीयर

उत्तर: (C) [4, 7]

व्याख्या: क्रस्ट और ऊपरी मेंटल की सबसे ऊपरी ठोस परत को मिलाकर स्थलमंडल (Lithosphere) बनता है, जिसकी औसत मोटाई लगभग 100 किलोमीटर होती है। यह परत विवर्तनिक प्लेटों (Tectonic Plates) में विभाजित है।

12. भूकंपीय छाया क्षेत्र (Seismic Shadow Zone)

प्रश्न: पृथ्वी के आंतरिक भाग में भूकंपीय तरंगों के 'छाया क्षेत्र' (Shadow Zone) के संदर्भ में कौन-सा कथन सही है?

(A) P-तरंगों का छाया क्षेत्र S-तरंगों के छाया क्षेत्र से अधिक बड़ा होता है。
(B) S-तरंगों का छाया क्षेत्र (105° से 180° तक) बहुत विस्तृत होता है क्योंकि वे बाह्य तरल क्रोड को पार नहीं कर पातीं。
(C) 105° से 145° के बीच दोनों तरंगें पूरी तीव्रता से प्राप्त होती हैं。
(D) छाया क्षेत्र का निर्माण केवल क्रस्ट में होता है। [9]

उत्तर: (B)

व्याख्या: भूकंप के केंद्र (Epicentre) से 105° से 145° के बीच P-तरंगों का छाया क्षेत्र होता है, जबकि 105° से 180° के बीच पूरा क्षेत्र S-तरंगों का छाया क्षेत्र होता है क्योंकि बाह्य क्रोड के तरल होने के कारण S-तरंगें वहां से आगे नहीं बढ़ पातीं।

13. पृथ्वी का औसत घनत्व (Average Density)

प्रश्न: संपूर्ण पृथ्वी का औसत घनत्व कितना है और सतह से केंद्र की ओर जाने पर घनत्व में क्या परिवर्तन होता है?

(A) 2.7 ग्राम/सेमी³, गहराई के साथ घटता है。
(B) 11.0 ग्राम/सेमी³, अपरिवर्तित रहता है。
(C) 5.51 ग्राम/सेमी³, गहराई के साथ बढ़ता है。
(D) 3.5 ग्राम/सेमी³, पहले बढ़ता है फिर घटता है। [10, 11]

उत्तर: (C) [10]

व्याख्या: संपूर्ण पृथ्वी का औसत घनत्व लगभग 5.51 ग्राम/सेमी³ है। क्रस्ट का घनत्व सबसे कम (2.7) होता है और भारी धातुओं की उपस्थिति के कारण आंतरिक कोर का घनत्व सबसे अधिक (लगभग 13) तक पहुंच जाता है।

14. कोला सुपरडीप बोरहोल (Deepest Drilling)

प्रश्न: मानव द्वारा पृथ्वी की सतह पर किया गया अब तक का सबसे गहरा कृत्रिम छेद/ड्रिल (Deepest Borehole) कौन-सा है और यह कहाँ स्थित है?

(A) बर्टा रोजर्स कुआँ, अमेरिका
(B) कोला सुपरडीप बोरहोल, रूस (लगभग 12 किमी)
(C) जोइड्स रेजोल्यूशन, अटलांटिक महासागर
(D) केटीबी बोरहोल, जर्मनी

उत्तर: (B) [1]

व्याख्या: रूस के कोला प्रायद्वीप पर स्थित 'कोला सुपरडीप बोरहोल' मानव इतिहास की सबसे गहरी ड्रिलिंग है, जिसकी गहराई लगभग 12,262 मीटर (12.2 किमी) है। यह पृथ्वी के आंतरिक भाग का अध्ययन करने का एक प्रत्यक्ष प्रयास था।

15. पृथ्वी की कुल त्रिज्या (Radius of Earth)

प्रश्न: पृथ्वी की सतह से उसके केंद्र बिंदु तक की कुल अनुमानित दूरी (त्रिज्या) कितनी है?

(A) 5,500 किलोमीटर
(B) 6,371 किलोमीटर
(C) 7,200 किलोमीटर
(D) 4,800 किलोमीटर

उत्तर: (B) [1, 12]

व्याख्या: वैज्ञानिक गणनाओं (NCERT के अनुसार) के आधार पर पृथ्वी की औसत त्रिज्या लगभग 6,371 किमी है। पृथ्वी का केंद्र इसी गहराई पर स्थित है, जहां तक सीधे पहुंचना इंसान के लिए असंभव है।

Q1.

प्रश्न: भूकंपीय तरंगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. P-तरंगें (प्राथमिक तरंगें) ठोस, तरल और गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं।
2. S-तरंगें (द्वितीयक तरंगें) केवल ठोस पदार्थों के माध्यम से ही यात्रा कर सकती हैं।
3. पदार्थ का घनत्व बढ़ने पर भूकंपीय तरंगों का वेग घट जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3

सही उत्तर: (a) केवल 1 और 2

मूल व्याख्या: "P-waves (Primary waves) can travel through solids, liquids, and gases, while S-waves (Secondary waves) travel only through solids." . कथन 3 गलत है क्योंकि घनत्व और दृढ़ता बढ़ने पर तरंगों का वेग घटता नहीं, बल्कि बढ़ जाता है.

Q2.

प्रश्न: 'मोहो असंबद्धता' (Mohorovicic Discontinuity) निम्नलिखित में से किनके बीच की सीमा का निर्धारण करती है?

(a) ऊपरी क्रस्ट और निचला क्रस्ट
(b) बाह्य कोर और आंतरिक कोर
(c) मेंटल और निचला मेंटल
(d) क्रस्ट और ऊपरी मेंटल

सही उत्तर: (d) क्रस्ट और ऊपरी मेंटल

मूल व्याख्या: "The Moho discontinuity marks the boundary between which two layers of the Earth? ... Crust and upper mantle". यह भूपर्पटी को नीचे मौजूद मेंटल की परत से अलग करती है.

Q3.

प्रश्न: पृथ्वी के आंतरिक भाग के विषय में जानकारी प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित में से किसे अप्रत्यक्ष स्रोत (Indirect Source) माना जाता है?
1. गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force)
2. चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field)
3. ज्वालामुखीय उद्गार (Volcanic Eruptions) [2]

नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए:

(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 1 और 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3 [2]

सही उत्तर: (b) केवल 1 और 2

मूल व्याख्या: "Consider the following sources of information about interior of earth ... Magnetic Field, Gravitational Force, Gold Mines. Which of the ... is/are indirect sources? ... 1 and 2 only". ज्वालामुखी से निकला लावा सीधे बाहर आता है, इसलिए वह प्रत्यक्ष स्रोत है, जबकि गुरुत्वाकर्षण और चुंबकत्व अप्रत्यक्ष स्रोत हैं.

Q4. UPTET Paper-II

प्रश्न: पृथ्वी की कौन-सी परत उसके कुल आयतन (Volume) का सबसे बड़ा हिस्सा घेरती है?

(a) भूपर्पटी (Crust)
(b) मेंटल (Mantle)
(c) बाह्य कोर (Outer Core)
(d) आंतरिक कोर (Inner Core)

सही उत्तर: (b) मेंटल (Mantle)

मूल व्याख्या: "The mantle occupies _____ of the Earth. ... 84%. Explanation: Earth's mantle occupies 84% of space." -- . यह पृथ्वी की सबसे मोटी और विशाल परत है.

Q5.

प्रश्न: 'दुर्बलता मंडल' (Asthenosphere) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1. यह ऊपरी मेंटल (Upper Mantle) का हिस्सा है और मुख्य रूप से अर्ध-पिघली (Ductile) अवस्था में पाया जाता है.
2. यह ज्वालामुखीय उद्गारों के समय धरातल पर आने वाले मैग्मा का मुख्य स्रोत है.
3. भूकंपीय तरंगों की गति इस परत में प्रवेश करते ही अचानक बहुत तीव्र हो जाती है.

नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए:

(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 2
(d) 1, 2 और 3

सही उत्तर: (c) केवल 1 और 2

मूल व्याख्या: "The asthenosphere ... is a highly viscous, mechanically weak and ductile, deforming region of the upper mantle ... It is the main source of magma ... [and] is called 'low velocity zone' for seismic waves." . कथन 3 गलत है क्योंकि आंशिक रूप से पिघली अवस्था के कारण इसमें भूकंपीय तरंगों का वेग धीमा हो जाता है, इसलिए इसे 'लो वेलोसिटी ज़ोन' (Low Velocity Zone) कहते हैं.

Q6.

प्रश्न: 'गुटेनबर्ग असंबद्धता' (Gutenberg Discontinuity) पृथ्वी के आंतरिक भाग में किन दो परतों के बीच पाई जाती है?

(a) ऊपरी क्रस्ट और निचला क्रस्ट
(b) क्रस्ट और ऊपरी मेंटल
(c) पृथ्वी के सिलिकेट मेंटल और उसके तरल बाह्य कोर के बीच
(d) बाह्य कोर और आंतरिक कोर

सही उत्तर: (c) पृथ्वी के सिलिकेट मेंटल और उसके तरल बाह्य कोर के बीच

मूल व्याख्या: "The Gutenberg discontinuity occurs within Earth's interior at a depth of about 2,900 km ... at the boundary between Earth's mantle and outer core." -- [Testbook]. यह सीमा लगभग 2,900 किमी की गहराई पर स्थित है, जहाँ S-तरंगें पूरी तरह लुप्त हो जाती हैं, जिससे सिद्ध होता है कि बाह्य कोर तरल अवस्था में है.

Q7.

प्रश्न: पृथ्वी के कोर (Core) के रासायनिक संगठन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व सर्वाधिक मात्रा में पाया जाता है?

(a) एल्युमिनियम
(b) सिलिकॉन
(c) लोहा (Iron)
(d) मैग्नीशियम

सही उत्तर: (c) लोहा (Iron)

मूल व्याख्या: "The core of the Earth consists primarily of iron (Fe) and nickel (Ni), with iron being the predominant element." -- . पृथ्वी का कोर मुख्यतः भारी धातुओं से बना है जिसे 'NIFE' (निकेल + फेरस/लोहा) कहते हैं, जिसमें लगभग 80-85% हिस्सेदारी लोहे की होती है.

Q8.

प्रश्न: महाद्वीपीय भूपर्पटी (Continental Crust) और महासागरीय भूपर्पटी (Oceanic Crust) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

(a) महाद्वीपीय क्रस्ट की औसत मोटाई महासागरीय क्रस्ट से अधिक होती है.
(b) महासागरीय क्रस्ट का औसत घनत्व (Density) महाद्वीपीय क्रस्ट की तुलना में अधिक होता है.
(c) महाद्वीपीय क्रस्ट मुख्य रूप से भारी बेसाल्टिक चट्टानों से बनी है।
(d) महासागरीय क्रस्ट की औसत मोटाई लगभग 5 किमी होती है. [13]

सही उत्तर: (c) महाद्वीपीय क्रस्ट मुख्य रूप से भारी बेसाल्टिक चट्टानों से बनी है।

मूल व्याख्या: "The thickness of the crust varies in the range of 5-30 km in the case of the oceanic crust and 50-70 km in the case of the continental crust ... The lower layer of the crust consists of basaltic ... rocks.". विकल्प (c) असत्य है क्योंकि महाद्वीपीय क्रस्ट हल्की ग्रेनाइट (Granite) चट्टानों से बनी है, जबकि महासागरीय क्रस्ट भारी बेसाल्टिक (Basalt) चट्टानों से बनी होती है।

Q9.

प्रश्न: पृथ्वी के आंतरिक भाग में गहराई की ओर जाने पर तापमान में वृद्धि की सामान्य दर (Normal Rate of Temperature Increase) क्या है?

(a) प्रति 165 मीटर पर 1°C
(b) प्रति 32 मीटर पर 1°C
(c) प्रति 1 किलोमीटर पर 10°C
(d) प्रति 100 मीटर पर 5°C

सही उत्तर: (b) प्रति 32 मीटर पर 1°C

मूल व्याख्या: सामान्यतः सामान्य गहराई (भूपर्पटी) में प्रति 32 मीटर नीचे जाने पर तापमान में 1°C की वृद्धि होती है। हालांकि, बहुत अधिक गहराई (मेंटल और कोर) में जाने पर तापमान बढ़ने की यह दर धीरे-धीरे घटने लगती है।

Q10.

प्रश्न: पृथ्वी के आंतरिक भाग में चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) की उत्पत्ति के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी परत और उसकी भौतिक अवस्था मुख्य रूप से उत्तरदायी है?

(a) ठोस आंतरिक कोर (Solid Inner Core)
(b) प्लास्टिक एस्थेनोस्फीयर (Plastic Asthenosphere)
(c) तरल बाह्य कोर (Liquid Outer Core)
(d) बेसाल्टिक महासागरीय क्रस्ट (Basaltic Oceanic Crust)

सही उत्तर: (c) तरल बाह्य कोर (Liquid Outer Core)

मूल व्याख्या: पृथ्वी का बाह्य कोर (Outer Core) तरल अवस्था में है जिसमें लोहा और निकल मौजूद हैं। पृथ्वी के घूर्णन (Rotation) के कारण इस पिघले हुए लोहे में संवहन धाराएं (Convection Currents) उठती हैं, जो एक 'जियोडायनेमो' की तरह काम करती हैं और पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र पैदा करती हैं।

Q11.

प्रश्न: पृथ्वी की परतों के घनत्व (Density) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा एक क्रम सतह से केंद्र की ओर सही वृद्धि को दर्शाता है?

(a) मेंटल < क्रस्ट < कोर
(b) कोर < मेंटल < क्रस्ट
(c) क्रस्ट < मेंटल < कोर
(d) क्रस्ट < कोर < मेंटल

सही उत्तर: (c) क्रस्ट < मेंटल < कोर

मूल व्याख्या: "Density increases with depth... [Average density of crust is 2.7 g/cm³ and whole earth is 5.51 g/cm³]" क्रस्ट का औसत घनत्व लगभग 2.7 से 3.0 है, मेंटल का 3.3 से 5.5 है, और भारी लोहा होने के कारण कोर का घनत्व सबसे अधिक 11 से 13 ग्राम/सेमी³ तक पहुँच जाता है।

Q12.

प्रश्न: पृथ्वी के क्रस्ट और मेंटल के उप-भागों को अलग करने वाली 'कॉनराड असंबद्धता' (Conrad Discontinuity) निम्नलिखित में से किनके मध्य स्थित है?

(a) निचले क्रस्ट और ऊपरी मेंटल के बीच
(b) ऊपरी क्रस्ट और निचले क्रस्ट के बीच
(c) ऊपरी मेंटल और निचले मेंटल के बीच
(d) मेंटल और कोर के बीच

सही उत्तर: (b) ऊपरी क्रस्ट और निचले क्रस्ट के बीच

मूल व्याख्या: "Conrad discontinuity: within continental crust (~20 km depth) [upper–lower crust boundary]." यह सबसे ऊपरी असंबद्धता परत है जो महाद्वीपीय क्रस्ट के ऊपरी (ग्रेनाइट) और निचले (बेसाल्ट) हिस्सों के घनत्व में अंतर को दर्शाती है।

Q13.

प्रश्न: उल्कापिंडों (Meteorites) का अध्ययन पृथ्वी की आंतरिक संरचना को समझने में किस प्रकार सहायक है?

(a) उल्कापिंड पृथ्वी के क्रस्ट से सीधे टूटकर अंतरिक्ष में गए भाग हैं।
(b) उल्कापिंडों की संरचना और पदार्थ का घनत्व पृथ्वी के आंतरिक भाग (विशेषकर कोर) के समान भारी धातुओं से बना होता है।
(c) ये सौरमंडल के सबसे ठंडे भाग हैं जो एस्थेनोस्फीयर की संरचना दर्शाते हैं।
(d) इनसे केवल वायुमंडल की ऊपरी परतों की जानकारी मिलती है।

सही उत्तर: (b) उल्कापिंडों की संरचना और पदार्थ का घनत्व पृथ्वी के आंतरिक भाग (विशेषकर कोर) के समान भारी धातुओं से बना होता है।

मूल व्याख्या: "Meteors: They have material and structure like earth and give information about the materials of which earth is formed of.". चूंकि उल्कापिंड भी उसी सौर-निहारिका (Nebula) से बने हैं जिससे पृथ्वी बनी है, इसलिए उनके घने धात्विक कोर का अध्ययन हमें पृथ्वी के अदृश्य कोर को समझने का अप्रत्यक्ष स्रोत देता है।

📝 पिछले वर्षों के प्रश्न (Previous Year Questions - PYQs)

विस्तृत उत्तरीय प्रश्न (Mains / Analytical)

प्रश्न 1 भूकंपीय छाया क्षेत्र के निर्माण के कारणों को स्पष्ट कीजिए तथा इसका सचित्र विवरण दीजिए।

उत्तर के मुख्य बिंदु:
  1. भूमिका: छाया क्षेत्र की परिभाषा लिखें (103°/105° से परे का वह क्षेत्र जहाँ सिस्मोग्राफ तरंगें रिकॉर्ड नहीं करता)।
  2. मुख्य भाग:
    • पृथ्वी की परतदार संरचना (क्रस्ट, मेंटल, कोर) और उनके भौतिक गुणों का उल्लेख करें।
    • P-तरंगों के अपवर्तन (Refraction) और S-तरंगों के तरल कोर में विलीन होने की प्रक्रिया को समझाएं।
    • दोनों के कोणीय विस्तार (103°-142° और 103° से 180°) को स्पष्ट रूप से लिखें।
  3. निष्कर्ष: छाया क्षेत्र की खोज ने ही वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद की कि पृथ्वी का बाहरी कोर तरल अवस्था में है।

प्रश्न 2 : S-तरंग का छाया क्षेत्र P-तरंग के छाया क्षेत्र की तुलना में बड़ा क्यों होता है?

उत्तर: क्योंकि S-तरंगें तरल माध्यम (बाहरी कोर) को पार नहीं कर सकतीं, जिससे वे 103° के बाद पूरी तरह अवरुद्ध हो जाती हैं। जबकि P-तरंगें तरल कोर को पार कर जाती हैं और अपवर्तन के कारण केवल 103° से 142° के बीच ही गायब होती हैं और 142° के बाद पुनः दिखाई देने लगती हैं।

प्रश्न: भूकंपीय तरंगों के संचरण (Propagation) का उन चट्टानों पर क्या प्रभाव पड़ता है, जिनसे होकर वे गुजरती हैं?

उत्तर: जब भूकंपीय तरंगें चट्टानों से गुजरती हैं तो वे कंपन और विकृति पैदा करती हैं:

1. P-तरंगों का प्रभाव: ये तरंग संचरण की दिशा के समानांतर कंपन करती हैं। इससे चट्टानों में दबाव और फैलाव (खिंचाव और संकुचन) होता है, जिससे घनत्व में अंतर आ जाता है।
2. S-तरंगों का प्रभाव: ये लंबवत (Perpendicular) कंपन करती हैं, जिससे चट्टानों में गर्त और शीर्ष (उतार-चढ़ाव) पैदा होते हैं और कर्तन (Shear effect) होता है।
3. धरातलीय तरंगों का प्रभाव: ये सबसे अंत में पहुँचती हैं और सबसे विनाशकारी होती हैं। ये चट्टानों में बड़ा विस्थापन करती हैं जिससे दरारें और टूट-फूट होती है।

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice Questions) - भूगोल

प्रश्न: भूकंप के उपरिकेंद्र से P-तरंग छाया क्षेत्र का कोणीय विस्तार कितना होता है?

(A) 105° से 145° तक
(B) 103° से 142° तक
(C) 90° से 120° तक
(D) केवल 180° पर

सही उत्तर: (B) 103° से 142° तक (नोट: कुछ पुरानी NCERT पुस्तकों में इसे 105° से 145° भी लिखा गया है, इसलिए विकल्पों के अनुसार निकटतम मान चुनें)।

प्रश्न 1: भूकंप के छाया क्षेत्र (Shadow Zone) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उपरिकेंद्र (Epicentre) से 105° और 145° के बीच का क्षेत्र दोनों प्रकार की तरंगों (P और S) के लिए छाया क्षेत्र माना गया है.
2. P-तरंगों का छाया क्षेत्र, S-तरंगों के छाया क्षेत्र की तुलना में अधिक विस्तृत (बड़ा) होता है.
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) 1 और 2 दोनों
(D) न तो 1 और न ही 2

सही उत्तर: (D) न तो 1 और न ही 2 (क्योंकि 105-145 केवल P का है, S का 105-180 है। और S का छाया क्षेत्र P से बड़ा होता है)।

प्रश्न 2 : भूकंप की तरंगों के संबंध में निम्नलिखित कथनों को पढ़ें और सही विकल्प चुनें:
कथन I: एक भूकंप का छाया क्षेत्र दूसरे भूकंप के छाया क्षेत्र से पूरी तरह भिन्न (भौगोलिक अवस्थिति के आधार पर) होता है.
कथन II: भूकंपमापी (Seismograph) उपरिकेंद्र से 105° के भीतर किसी भी कोणीय दूरी पर P और S दोनों तरंगों को रिकॉर्ड करते हैं.

(A) कथन I और II दोनों सत्य हैं.
(B) कथन I सत्य है लेकिन कथन II असत्य है।
(C) कथन I असत्य है लेकिन कथन II सत्य है।
(D) दोनों कथन असत्य हैं।

सही उत्तर: (A) कथन I और II दोनों सत्य हैं.

प्रश्न 3 : भूकंपीय S-तरंगें पृथ्वी के बाहरी कोर (Outer Core) से क्यों नहीं गुजर पाती हैं?

(A) बाहरी कोर का घनत्व बहुत कम है।
(B) बाहरी कोर तरल (Liquid) अवस्था में है।
(C) बाहरी कोर अत्यधिक चुंबकीय है।
(D) S-तरंगों की गति बहुत तीव्र होती है।

सही उत्तर: (B) बाहरी कोर तरल (Liquid) अवस्था में है।

प्रश्न: भूकंपीय तरंगों को रिकॉर्ड करने के लिए निम्नलिखित में से किस उपकरण का उपयोग किया जाता है? (Which of the following instruments is used to record seismic waves?)

(A) Seismogram (सिस्मोग्राम)
(B) Seismograph (सिस्मोग्राफ)
(C) Seismoscope (सिस्मोस्कोप)
(D) Seismometer (सिस्मोमीटर)

सही उत्तर: (B) Seismograph (सिस्मोग्राफ)

प्रश्न (i): निम्नलिखित में से कौन सी भूकंपीय तरंग अधिक विनाशकारी है?

(a) P-तरंगें
(b) S-तरंगें
(c) धरातलीय तरंगें (Surface waves)
(d) उपरोक्त में से कोई नहीं

सही उत्तर: (c) धरातलीय तरंगें (Surface waves)

प्रश्न (ii): पृथ्वी के आंतरिक भाग के बारे में जानकारी का प्रत्यक्ष स्रोत (direct source) निम्नलिखित में से कौन सा है?

(a) भूकंपीय तरंगें
(b) ज्वालामुखी (Volcanoes)
(c) गुरुत्वाकर्षण बल
(d) पृथ्वी का चुंबकत्व

सही उत्तर: (b) ज्वालामुखी (Volcanoes)

प्रश्न (iii): दक्कन ट्रैप (Deccan Trap) का निर्माण किस प्रकार के ज्वालामुखी विस्फोट से हुआ है?

(a) शील्ड (Shield)
(b) बाढ़ (Flood / बेसाल्ट प्रवाह)
(c) मिश्रित (Composite)
(d) काल्डेरा (Caldera)

सही उत्तर: (b) बाढ़ (Flood / बेसाल्ट प्रवाह)

प्रश्न (iv): निम्नलिखित में से कौन स्थलमंडल (Lithosphere) का वर्णन करता है:

(a) ऊपरी और निचला मेंटल
(b) क्रस्ट और ऊपरी मेंटल
(c) क्रस्ट और कोर
(d) मेंटल और कोर

सही उत्तर: (b) क्रस्ट और ऊपरी मेंटल

प्रश्न: पृथ्वी ग्रह पर जल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. नदियों और झीलों में जल की मात्रा भूजल (groundwater) की मात्रा से अधिक है।
2. ध्रुवीय बर्फ की चोटियों (polar ice caps) और ग्लेशियरों में जल की मात्रा भूजल की मात्रा से अधिक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) 1 और 2 दोनों
(D) न तो 1 और न ही 2

सही उत्तर (Official Key): (B) केवल 2

व्याख्या: कथन 1 गलत है। कुल मीठे पानी का 69% हिस्सा ग्लेशियरों में, 30% भूमिगत (भूजल) में, और 1% से भी कम हिस्सा झीलों, नदियों और दलदलों में है। इसलिए नदियों/झीलों का पानी भूजल से कम है। कथन 2 सही है क्योंकि ग्लेशियरों/बर्फ में (69%) पानी भूजल (30%) से अधिक है।

प्रश्न: सूची I (भौगोलिक विशेषता) को सूची II (देश) के साथ सुमेलित करें:
A. ग्रेट विक्टोरिया मरुस्थल - 1. ऑस्ट्रेलिया
B. ग्रैंड कैन्यन - 2. कनाडा
C. लेक विन्निपेग - 3. न्यूजीलैंड
D. दक्षिणी आल्प्स (Southern Alps) - 4. संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)

कूट (Codes):
(A) A-1, B-2, C-4, D-3
(B) A-1, B-4, C-2, D-3
(C) A-3, B-2, C-4, D-1
(D) A-3, B-4, C-2, D-1

सही उत्तर: (B) A-1, B-4, C-2, D-3

व्याख्या: ग्रेट विक्टोरिया रेगिस्तान ऑस्ट्रेलिया में है। ग्रैंड कैन्यन यूएसए (USA) में कोलोराडो नदी द्वारा बनाया गया है। विन्निपेग झील कनाडा में है। दक्षिणी आल्प्स न्यूजीलैंड में पर्वत श्रृंखला है।

प्रश्न: निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. पृथ्वी का कुल भूमि क्षेत्रफल लगभग 1475 लाख वर्ग किलोमीटर है।
2. पृथ्वी के भूमि क्षेत्रफल और जल क्षेत्र का अनुपात लगभग 1:4 है।
3. पृथ्वी के जल का अधिकतम प्रतिशत प्रशांत महासागर में है।
इनमें से कौन सा/से कथन सही हैं?

(A) 1 और 3
(B) 2 और 3
(C) केवल 1
(D) केवल 3

सही उत्तर: (A) 1 और 3

व्याख्या: कथन 2 गलत है क्योंकि पृथ्वी पर भूमि और जल का अनुपात लगभग 1:2 (29% भूमि और 71% जल) है। प्रशांत महासागर सबसे बड़ा महासागर है।

प्रश्न: विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा किसके द्वारा बनाया जाता है?

(A) गंगा और ब्रह्मपुत्र
(B) मिसिसिपी-मिसौरी
(C) यांग्त्ज़ी-क्यांग
(D) ह्वांग-हो

सही उत्तर: (A) गंगा और ब्रह्मपुत्र

व्याख्या: गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा दुनिया का सबसे बड़ा डेल्टा है जो भारत और बांग्लादेश में फैला है।

प्रश्न: कार्स्ट (Karst) क्षेत्र में निम्नलिखित में से कौन सी स्थलाकृति पाई जाती है?

(A) पॉटहोल (Pothole)
(B) सिंक होल (Sink hole)
(C) ब्लो होल (Blow hole)
(D) प्लाया (Playa)

सही उत्तर: (B) सिंक होल (Sink hole)

व्याख्या: कार्स्ट क्षेत्र चूना पत्थर (limestone) वाला परिदृश्य होता है जहाँ पानी के घुलने से गुफाएं, सिंक होल, स्टैलेक्टाइट आदि बनते हैं। प्लाया रेगिस्तान में पाया जाता है, ब्लो होल तटीय चट्टानों में और पॉटहोल नदियों द्वारा बनते हैं।

प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन सा जोड़ा सही सुमेलित नहीं है?

(A) कैन्यन (Canyon) - नदी
(B) ज्यूजेन (Zeugen) - पवन (हवा)
(C) इन्सेलबर्ग (Inselberg) - ग्लेशियर
(D) हिमोढ़ (Moraine) - ग्लेशियर

सही उत्तर: (C) इन्सेलबर्ग (Inselberg) - ग्लेशियर

व्याख्या: इन्सेलबर्ग ग्लेशियर से संबंधित नहीं है। यह एक अलग-थलग पहाड़ी है जो कठोर चट्टान के कटाव से मैदानी इलाकों में बच जाती है (हवा/पानी के प्रभाव से)।

प्रश्न: पेनीप्लेन (Peneplain / संप्राय मैदान) किससे संबंधित है?

(A) पवन
(B) भूमिगत जल
(C) ग्लेशियर
(D) नदी

सही उत्तर: (D) नदी

व्याख्या: पेनीप्लेन नदी की कटाव (अपरदन) प्रक्रिया के अंतिम चरण में बनने वाला लगभग समतल मैदान है।

प्रश्न: डेल्टा का निर्माण किसके द्वारा प्रभावित होता है?

(A) चट्टानें
(B) ज्वार-भाटा (Tide-ebb)
(C) तेज हवाएं
(D) गहरा समुद्र

सही उत्तर: (B) ज्वार-भाटा (Tide-ebb)

व्याख्या: ज्वार-भाटा डेल्टा के आकार को बहुत प्रभावित करता है। अत्यधिक मजबूत ज्वार वाले स्थानों पर डेल्टा नहीं बन पाता (जैसे अमेज़ॅन नदी में)।

प्रश्न: रेगिस्तानी या अर्ध-रेगिस्तानी क्षेत्र में पेरीपीडिमेंट (Peripediment) को और किस नाम से जाना जाता है?

(A) इन्सेलबर्ग
(B) ज्यूजेन
(C) बाजादा (Bajada)
(D) प्लाया (Playa)

सही उत्तर: (C) बाजादा (Bajada)

व्याख्या: बाजादा मरुस्थलीय क्षेत्रों में पर्वतों के आधार पर बनने वाला जलोढ़ ढलान है। इसे पेरीपीडिमेंट भी कहा जाता है।

प्रश्न: नदी के जल निकासी प्रतिरूप (Drainage Pattern) को उनकी विशेषता के साथ सुमेलित करें:
A. अक्रमवर्ती (Insequent) - 1. जिसके प्रवाह की दिशा चट्टान की संरचना द्वारा नियंत्रित होती है
B. अनुवर्ती (Consequent) - 2. इसके इस रास्ते पर चलने का कोई स्पष्ट कारण नहीं होता
C. परवर्ती (Subsequent) - 3. अनुवर्ती धारा की ही दिशा में लेकिन निचले स्तर पर बहती है
D. नवानुवर्ती (Resequent) - 4. जिसका मार्ग भूमि की मूल ढलान द्वारा निर्धारित होता है

सही उत्तर (कूट): A-2, B-4, C-1, D-3

प्रश्न: जब नदियाँ सभी दिशाओं से अपना पानी किसी झील या गर्त में छोड़ती हैं, तो इस प्रतिरूप को क्या कहा जाता है?

(A) जालीदार (Trellis)
(B) वृक्षाकार (Dendritic)
(C) अरीय (Radial)
(D) अभिकेंद्रीय (Centripetal)

सही उत्तर: (D) अभिकेंद्रीय (Centripetal)

व्याख्या: जब पानी चारों तरफ से आकर एक केंद्र (झील) में गिरता है तो उसे अभिकेंद्रीय कहते हैं। ज्वालामुखी पहाड़ से बाहर की ओर बहने पर यह 'अरीय' (Radial) कहलाता है।

प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन सी एक नदीय स्थलाकृति (fluvial landform) नहीं है?

(A) सर्क (Cirque)
(B) गॉर्ज (Gorge)
(C) ब्रेड्स (Braids)
(D) कैन्यन (Canyon)

सही उत्तर: (A) सर्क (Cirque)

व्याख्या: सर्क ग्लेशियर (हिमनद) की गतिविधि से पहाड़ों पर बनने वाली कटोरी के आकार की स्थलाकृति है, न कि नदी से।

प्रश्न:
कथन I: अंतःकर्तित विसर्प (Incised meanders) नदी की परिपक्व (mature) अवस्था में बनते हैं।
कथन II: अंतःकर्तित विसर्प भूमि के पुनर्युवन (rejuvenation) और उत्थान की विशेषता हैं।

सही विकल्प चुनें:

सही उत्तर (Official Key): कथन I असत्य है, लेकिन कथन II सत्य है। (विकल्प D)

व्याख्या: नोट: अंतःकर्तित विसर्प (Incised meanders) मुख्य रूप से नदी के कायाकल्प (rejuvenation) और भूमि के उत्थान के कारण होते हैं जब नदी अपनी ही घाटी को गहराई से काटने लगती है। (उत्तर कुंजी के अनुसार D सही माना गया है)।

प्रश्न: निम्नलिखित में से कौन सा पवन अपरदन (wind erosion) से संबंधित नहीं है?

(A) विंड गैप (Wind gap)
(B) ज्यूजेन (Zeugen)
(C) ड्रीकेंटर (Dreikanter)
(D) डेमोइसेल (Demoiselle)

सही उत्तर: (A) विंड गैप (Wind gap)

व्याख्या: विंड गैप हवा से नहीं बल्कि एक नदी द्वारा दूसरी नदी के मार्ग को पकड़ लेने (River capture) के कारण बनी सूखी घाटी होती है।

प्रश्न: नदी द्वारा अपने मार्ग में बनाई गई निम्नलिखित विशेषताओं को अपस्ट्रीम (उद्गम) से डाउनस्ट्रीम (मुहाने) की ओर व्यवस्थित करें:
1. विसर्प (Meanders)
2. जलप्रपात (Falls)
3. डेल्टा (Delta)
4. गोखुर झील (Oxbow Lake)

सही क्रम:

सही उत्तर: (B) 2, 1, 4, 3 (जलप्रपात -> विसर्प -> गोखुर झील -> डेल्टा)

प्रश्न: 'ड्रमलिन' (Drumlin) के बारे में कौन सा कथन सही है?

(A) यह टिल मैदानों (till plains) पर हिमनदीय बहाव में ढाली गई एक सुव्यवस्थित पहाड़ी है।
(B) यह मध्य यूरोप में स्थित एक शहर है।
(C) यह एक नदी है।
(D) यह तिब्बत में एक संकरी सड़क है।

सही उत्तर: (A) यह टिल मैदानों पर हिमनदीय बहाव में ढाली गई पहाड़ी है।

व्याख्या: ड्रमलिन ग्लेशियर (हिमनद) के निक्षेपण (deposition) से बनने वाली उल्टी नाव या अंडे के आकार की पहाड़ी होती है।

प्रश्न: गुफाएँ, मेहराब, स्टैक (stacks) और स्टंप (stumps) निम्नलिखित में से किसकी परिदृश्य विशेषताएं हैं?

(A) नदी
(B) लहर (Wave)
(C) चूना पत्थर
(D) पवन

सही उत्तर: (B) लहर (Wave)

व्याख्या: ये सभी स्थलाकृतियां समुद्र तटों पर समुद्री लहरों (waves) के लगातार टकराने और अपरदन के कारण बनती हैं।

💻 शिक्षण तकनीकी और विद्यालय प्रबंधन (Super TET

प्रश्न 1: 'ICAR' (आई० सी० ए० आर०) शिक्षण मॉडल का उपयोग मुख्य रूप से किस क्षेत्र में किया जाता है?

उत्तर: कक्षा शिक्षण / अनुदेशन डिज़ाइन (Instructional Design) में।

व्याख्या: यह एक डिजिटल शिक्षण मॉडल है जिसका पूर्ण रूप Introduction, Connect, Apply, Reflect है। इसका उपयोग डिजिटल शिक्षण सामग्री को प्रभावी ढंग से कक्षा में लागू करने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 2: विद्यालय प्रबन्धन में सूचनाओं को व्यवस्थित और प्रबंधित करने वाली प्रणाली 'EMIS' का पूर्ण रूप (Full Form) क्या है?

उत्तर: Educational Management Information System (शैक्षिक प्रबंधन सूचना प्रणाली)।

व्याख्या: यह सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली स्कूलों के प्रशासनिक डेटा, छात्रों के रिकॉर्ड और शिक्षकों की जानकारी को डिजिटल रूप से प्रबंधित करने के लिए उपयोग की जाती है।

प्रश्न 3: शिक्षकों और छात्रों के लिए डिजिटल शिक्षण सामग्री साझा करने हेतु भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रीय पोर्टल 'DIKSHA' का पूर्ण रूप क्या है?

उत्तर: Digital Infrastructure for Knowledge Sharing (ज्ञान साझा करने के लिए डिजिटल अवसंरचना)।

व्याख्या: शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया यह एक राष्ट्रीय मंच है, जहाँ शिक्षक ई-सामग्री (e-Content) और क्यूआर-कोड आधारित पाठ्यपुस्तकें प्राप्त करते हैं।

प्रश्न 4: कक्षा शिक्षण में उपयोगी ओ०ई०आर० (OER) का पूर्ण रूप क्या है?

उत्तर: Open Educational Resources (मुक्त शैक्षिक संसाधन)।

व्याख्या: यह इंटरनेट पर उपलब्ध ऐसी शिक्षण सामग्री है जो बिना किसी शुल्क के और कानूनी रूप से उपयोग व बदलाव के लिए उपलब्ध होती है (जैसे- विकिपीडिया)।

प्रश्न 5: कंप्यूटर का वह कौन सा मुख्य भाग है जिसे तकनीकी भाषा में 'कंप्यूटर का मस्तिष्क' (Brain of Computer) कहा जाता है?

उत्तर: CPU (Central Processing Unit)।

व्याख्या: यह कंप्यूटरों में डेटा प्रोसेसिंग और तार्किक गणनाओं का मुख्य आधार होता है।

प्रश्न 6: निम्नलिखित में से कौन सा उपकरण कक्षा शिक्षण में एक ऑनलाइन सहयोगी स्थान (Collaborative Virtual Wall) प्रदान करता है जहाँ छात्र अपने नोट्स साझा कर सकते हैं?

(A) Turnitin
(B) Labster
(C) Padlet
(D) Kahoot!

सही उत्तर: (C) Padlet

प्रश्न 7: कक्षा शिक्षण में जटिल वैज्ञानिक प्रयोगों को बिना किसी भौतिक प्रयोगशाला के सुरक्षित वातावरण में कराने के लिए किस डिजिटल टूल का उपयोग किया जाता है?

(A) Turnitin
(B) Labster
(C) Zoom
(D) Moodle

सही उत्तर: (B) Labster

व्याख्या: Labster आभासी विज्ञान प्रयोगशाला (virtual science labs) प्रदान करता है जहाँ छात्र सुरक्षित रूप से प्रयोग कर सकते हैं।

प्रश्न 8: शैक्षिक तकनीकी के अंतर्गत 'कठोर शिल्प तकनीकी' (Hardware Technology) का एक उदाहरण दीजिए।

उत्तर: प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, या स्मार्टबोर्ड।

व्याख्या: शिक्षण में प्रयुक्त होने वाली सभी भौतिक या यांत्रिक मशीनें (जिन्हें छुआ जा सकता है) कठोर शिल्प कहलाती हैं।
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